अडानी की हुई जेपी ग्रुप की बड़ी कंपनी, NCLT ने दी प्रस्ताव को मंजूरी

नई दिल्ली: नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल ( NCLT ) ने अडानी एंटरप्राइजेज को जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ भारत के दिवालिया समाधान ढांचे के तहत सबसे चर्चित डील्स में से एक को अंतिम रूप मिल गया है। इस अधिग्रहण से अडानी ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट कारोबार को मजबूती मिलेगी। इस डील के बाद बुधवार को अडानी एंटरप्राइजेज और जेपी एसोसिएट्स के शेयरों में बड़ा फेरबदल हुआ।

NCLT की मंजूरी के बाद अब अडानी एंटरप्राइजेज कर्ज में डूबी इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट कंपनी JAL का नियंत्रण संभाल सकेगी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी कि 14 अक्टूबर 2025 को प्रस्तुत किए गए रिजॉल्यूशन प्लान को ट्रिब्यूनल ने मंजूरी दे दी है। अडानी ग्रुप ने नवंबर 2025 में करीब 14,535 करोड़ रुपये की बोली लगाकर यह डील जीती थी। इस बोली में उसने वेदांता लिमिटेड और डालमिया भारत जैसी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया।

पहले क्या था विवाद?

  • शुरुआती दौर में बोली लगाने वाली कंपनियां ग्रेटर नोएडा के 1000 हेक्टेयर स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कानूनी विवाद को लेकर सतर्क थीं। बाद में कर्जदाताओं ने बिना शर्त बोली की मांग की।
  • JAL को 3 जून 2024 को इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत दिवालिया प्रक्रिया में डाला गया था, जब आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने याचिका दायर की थी।

कर्ज का क्या हुआ?

JAL के कर्ज का बड़ा हिस्सा नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) के पास है, जिसने करीब 55,000 करोड़ रुपये के कर्ज को 12,000 करोड़ में खरीदा था। इसके अलावा Arcil, SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा की विदेशी शाखाएं और हजारों होमबायर्स भी कर्जदाता हैं।

शेयरों पर क्या असर?

इस डील के बाद अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में तेजी तो वहीं जेपी एसोसिएट्स के शेयरों में गिरावट देखी गई। बुधवार सुबह-सुबह अडानी एंडरप्राइजेज के शेयर 1.88% उछलकर 2012.35 रुपये पर पहुंच गए। वहीं जेपी एसोसिएट्स के शेयर लोअर सर्किट के करीब आ गए। मार्केट खुलने के कुछ ही देर बाद यह 4.74% की गिरावट के साथ 2.41 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

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