भारतीय कंस्ट्रक्शन सेक्टर भी होगा आधुनिक, अडानी सीमेंट ने नारेडको से मिलाया हाथ
नई दिल्ली: राष्ट्र निर्माण में बढ़ती कंस्ट्रक्शन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनी अडानी सीमेंट ने नारेडको ( NAREDCO ) से एक समझौता किया है। नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (National Real Estate Development Council) देश में रियल एस्टेट सेक्टर का प्रतिनिधित्व करने वाला शीर्ष निकाय है।
किस उद्देश्य से हुआ समझौता
नारेडको और अडानी सीमेंट की तरफ से यहां जारी एक बयान के मुताबिक यह साझेदारी भारत की तेजी से बढ़ती निर्माण आवश्यकताओं को समर्थन देने के लिए है। इसके साथ ही ‘विकसित भारत 2047’ के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को योगदान देने के विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है।
रियल एस्टेट के कामगारों को मिलेगा प्रशिक्षण
बयान के मुताबिक यह साझेदारी देशभर में आवासीय, वाणिज्यिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में गुणवत्ता, पर्यावरण अनुकूल उपायों और बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। इसके अंतर्गत रियल एस्टेट सेक्टर में काम करने वाले कामगारों यथा राजमिस्त्रियों और कंस्ट्रक्शन मजदूरों के लिए संयुक्त रूप से कौशल विकास और प्रमाणन कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे इस सेक्टर के वर्कफोर्स आधुनिक तकनीकों, सुरक्षा मानकों और बदलते उद्योग मानकों से लैस हो सकेंगे।
कंस्ट्रक्शन क्वालिटी भी सुधरेगी
बयान में बताया गया है ‘‘यह सहयोग कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े नॉलेज साझा करने और तकनीक के आदान-प्रदान के लिए भी एक मंच का कार्य करेगा। इससे भारतीय कंस्ट्रक्शन सेक्टर को एडवांस कंक्रीट सॉल्यूशन, नवोन्मेषी निर्माण पद्धतियों और आधुनिक निर्माण सामग्रियों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।’’
क्या कहना है अडानी ग्रुप का
अदानी ग्रुप में सीमेंट बिजनेस के सीईओ विनोद बहेटी ने कहा, “यह साझेदारी…. ऐसे परिवेश के निर्माण की दिशा में एक कदम है, जहां गुणवत्ता, नवाचार और पर्यावरण अनुकूल पहल प्रत्येक परियोजना का अभिन्न हिस्सा हों।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नारेडको के साथ मिलकर हम रियल एस्टेट कंपनियों को उन्नत सामग्री और गहन तकनीकी सहयोग प्रदान करना चाहते हैं, जिससे परियोजनाएं और बेहतर हो सके।’’
नारेडको का क्या कहना है
नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा, “यह साझेदारी रियल एस्टेट और निर्माण परिवेश में पर्यावरण अनुकूल कदम और जिम्मेदार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दोनों इकाइयां साथ मिलकर हरित भवन मानकों को बढ़ावा देने, सहयोग को मजबूत करने और सतत विकास के लिए अधिक अनुकूल रूपरेखा तैयार करने की दिशा में कार्य करेंगी।’’
