रायगढ़ में प्रशासन ने रुकवाया बाल विवाह:आज निकलनी थी बारात, जांच में दूल्हा निकला नाबालिग
रायगढ़, छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में नाबालिग लड़के की शादी कराई जा रही थी। शुक्रवार को बारात निकलनी थी, लेकिन उससे पहले प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गांव पहुंच गई। दस्तावेजों की जांच में दूल्हा नाबालिग पाया गया।इसके बाद संयुक्त टीम ने बाल विवाह रुकवा दिया। परिजनों ने बालिग होने तक शादी टालने का संकल्प लिया।
यह करीब 8 दिनों में बाल विवाह रोकने की दूसरी कार्रवाई है। दरअसल प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना मिली थी कि रायगढ़ विकासखंड के एक गांव में नाबालिग बालक के विवाह की तैयारी चल रही है। बालक की आयु शादी के लिए निर्धारित 21 साल से कम होने के बावजूद 3 अप्रैल शुक्रवार को बारात ले जाने की तैयारी की जा रही थी।
सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला-बाल विकास विभाग के नेतृत्व में पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम गुरुवार को गांव पहुंची और बालक की जन्मतिथि से जुड़े शैक्षणिक और अन्य दस्तावेजों की जांच की।
जांच के दौरान पाया गया कि बालक की वर्तमान आयु 20 साल 5 माह है, जो कि विवाह के लिए निर्धारित कानूनी आयु (21) से कम है। मौके पर बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाइश दी गई।
बाल विवाह से संबंधित जानकारी दी गई
इसी दौरान बालिका पक्ष और उनके परिजन भी वहां पहुंचे, उन्हें भी कानून की जानकारी देते हुए समझाइश दी गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार की और सहमति जताई कि जब तक बालक की आयु 21 साल पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे शादी नहीं करेंगे।
राजीनामा पत्र भी भरवाया गया
मौके पर ही परिजनों से औपचारिक घोषणा पत्र और राजीनामा पत्र भरवाया गया। इस कार्रवाई में ग्राम के सरपंच समेत जिला बाल संरक्षण अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पुलिसकर्मी, संरक्षण अधिकारी, विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, सेक्टर पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल थे।
8 दिनों में दूसरी कार्रवाई की गई
पिछले गुरुवार को सूचना मिली थी कि शहरी क्षेत्र में 16 वर्षीय लड़की का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने सामुदायिक भवन पर दबिश दी।
मौके पर शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। टीम ने परिजनों से लड़की की आयु से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि लड़की की आयु केवल 16 साल 5 माह 13 दिन है, जो विवाह के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु 18 वर्ष से कम है।
टीम ने तुरंत विवाह रुकवा दिया और स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। इस तरह, 8 दिनों के भीतर बाल विवाह रोकने की यह दूसरी कार्रवाई है।
प्रशासन ने की लोगों से अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। यदि कहीं भी इस प्रकार की गतिविधि की जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
