अरिजीत के संन्यास के बाद अभिजीत सावंत का खुलासा- सिंगर्स फ्री में गाने के लिए किए जाते हैं मजबूर
अरिजीत सिंह के प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा के बाद से ही, सिनेमा की दुनिया में सिंगर्स को मिलने वाले मेहनताना को लेकर नई बहस छिड़ गई है। अब इस चर्चा में देश के पहले ‘इंडियन आइडल’ अभिजीत सावंत ने भी चिंता जताते हुए चौंकाने वाली बातें बताई हैं। अभिजीत ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा है कि इंडस्ट्री में अक्सर गायकों पर दबाव डाला जाता है कि वह मुफ्त में गाना गाएं। उन्होंने रॉयल्टी का भी जिक्र छेड़ा है, जिस पर इससे पहले भी कई सिंगर्स परेशानियों का जिक्र कर चुके हैं। अभिजीत ने यहां तक कहा कि सिंगर्स को इतने पैसे भी नहीं मिलते कि रोजी-रोटी चला सकें।
‘इंडियन आइडल’ सीजन-1 के विनर 44 साल के अभिजीत सावंत ने ‘पेंटाराइज स्टूडियोज’ से बातचती की है। इसमें जब सिंगर से फिल्मों में गाने के लिए मिलने वाली फीस को लेकर पूछा गया, तो वह थोड़ा हिचकिचाए, लेकिन फिर कहा, ‘लोग नहीं चाहते कि सिंगर्स किसी फिल्म से बड़े बन जाएं। इसलिए उन्हें एक तय रकम दी जाती है। म्यूजिशियन्स को अभी भी फिल्म में संगीत के लिए रॉयल्टी नहीं मिलती है।’
अभिजीत सावंत ने किया बिद्दू का जिक्र
अभिजीत सावंत ने आगे कहा, ‘जैसे बिद्दू, जिन्होंने ‘लफ्जों में कह ना सकूं’ गाने पर काम किया था, उन्होंने वेस्ट में भी कुछ गाने किए थे, और उन्हें उन दो गानों से इतनी रॉयल्टी मिलती है कि वह उस पैसे से पूरी जिंदगी गुजार सकते हैं। हमें तो अपनी रोजी-रोटी चलाने के लिए भी पर्याप्त पैसे नहीं मिलते।’
अभिजीत सावंत बोले- सिंगर्स खुद भी मौकों के लालची होते हैं
फिल्मों से ज्यादा स्टेज शोज से कमाई करने वाले अभिजीत सावंत ने कहा, ‘इंडस्ट्री ने ऐसा ही सिस्टम बना रखा है। सिंगर्स खुद मौकों के लालची होते हैं, और वे जानते हैं कि अगर गाना उनकी आवाज में रिलीज होता है, और कोई बड़ा स्टार इस पर लिप-सिंक करता है, तो वह इस गाने का इस्तेमाल पूरी जिंदगी कर सकते हैं। कई बार तो सिंगर्स खुद पैसे नहीं चाहते, क्योंकि वे बस गाना गाना चाहते हैं या किसी खास प्रोड्यूसर के साथ काम करना चाहते हैं। इसके लिए हमें जो भी रकम मिलती है, हम उसे मान लेते हैं, क्योंकि अगर हम नहीं करेंगे तो कोई और कर लेगा। हमारा बहुत ज्यादा शोषण होता है।’
बिद्दू ने खुद बताई थी रॉयल्टी मिलने की बात
यह बात भी सच है कि हर कोई सिर्फ कुछ गानों के दम पर इतनी कमाई का दावा नहीं कर सकता, लेकिन अभिजीत सावंत ने बिद्दू के लिए जो भी कहा है, उसमें सच्चाई है। ब्रिटिश-इंग्लिश कंपोजर और सॉन्गराइटर बिद्दू ने कार्ल डगलस का इंटरनेशनल हिट ‘कुंग फू फाइटिंग’ और नाजिया और जोहेब के लिए मशहूर पाकिस्तानी एल्बम ‘डिस्को दीवाने’ प्रोड्यूस किया था। साल 2011 में ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया गया था कि उन्हें अभी भी हर महीने 60k-70k पाउंड की रॉयल्टी मिलती है, जो आज के बाजार के हिसाब से 74 से 84 लाख रुपये के बराबर होगी।
अमल मलिक ने भी इंडस्ट्री के हाल पर जताई थी चिंता
अभिजीत सावंत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बीते दिनों अमल मलिक ने भी इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड को लेकर खुलासा किया। ‘बिग बॉस 19’ के कंटेस्टेंट और संगीतकार अमल ने ‘मेरे ढोलना 3.0’ का जिक्र करते हुए बताया कि वह यह गाना सोनू निगम से गवाना चाहते थे और इसके लिए उन्हें लड़ाई लड़नी पड़ी, क्योंकि फिल्म की मार्केटिंग टीम किसी भी फैसले लेने के क्रम में हावी रहती है। उन्होंने भी इंडस्ट्री में गानों के लिए कम पैसे मिलने और रॉयल्टी का जिक्र छेड़ा था।
अरिजीत सिंह ने अचानक लिया संन्यास का फैसला
सिंगर्स की फीस को लेकर इस बहस ने बीते दिनों तब तूल पकड़ा, जब 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने अचानक सोशल मीडिया पर प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट की घोषणा की। उन्होंने लिखा, ‘नमस्ते, सभी को नए साल की शुभकामनाएं। इतने सालों तक श्रोता के तौर पर मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं। अब मैं प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया असाइनमेंट नहीं लूंगा। मैं इसे खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर था।’
‘मातृभूमि’ के बाद अरिजीत का गाना ‘इश्क का फीवर’ रिलीज
अरिजीत सिंह ने यह घोषणा सलमान खान की फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के लिए श्रेया घोषाल के साथ रिकॉर्ड किए गए गाने ‘मातृभूमि’ की रिलीज के ठीक बाद की। अरिजीत ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि वह संगीत से खुद को दूर नहीं कर रहे हैं, बल्कि अब म्यूजिक के अलग-अलग जॉनर को एक्सप्लोर करेंगे। खुद के गीतों पर काम करेंगे। बस फिल्मों के लिए गाने नहीं गाएंगे। सिंगर ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में उनके कुछ फिल्मी गाने रिलीज होंगे, जो उन्होंने इस ऐलान से पहले गाए थे। इस कड़ी में हाल ही ‘ओ रोमियो’ फिल्म से उनका नया गाना ‘इश्क का फीवर’ भी रिलीज हुआ है।
