भारत में 7 साल बाद खुलेंगे ईरानी तेल के लिए रास्ते, लेकिन चुकानी होगी ज्यादा कीमत, पेमेंट की भी सख्त शर्तें
नई दिल्ली: ईरानी तेल 7 साल बाद भारत आने को तैयार है। ईरान ने युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट पर नाकाबंदी कर दी है। इस कारण वहां से आने वाले तेल के जहाजों के लिए परेशानी हो रही है। तेल की सप्लाई बनी रहे, ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में ईरानी तेल से बैन हटा दिया है। भारत साल 2019 से ईरानी तेल नहीं खरीद रहा था। अब दिल्ली के लिए रास्ता साफ हो गया है।
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। इसी संकट से निपटने के लिए ट्रंप ने 30 दिनों के लिए ईरानी तेल से बैन हटाया था। इस बैन के हटने के बाद व्यापारियों ने भारतीय रिफाइनरों को ईरानी तेल बेचने की पेशकश की है। रॉयटर्स के मुताबिक यह तेल रियायत के बजाय ICE ब्रेंट (ICE Brent) की तुलना में प्रीमियम यानी ऊंची कीमत पर ऑफर किया गया है।
महंगा मिलेगा ईरानी तेल
सूत्रों के अनुसार ईरानी तेल को ICE ब्रेंट से लगभग 6 से 8 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम पर पेश किया गया है। साथ ही पेमेंट की भी सख्त शर्तें रखी गई हैं, जिसमें कार्गो पहुंचने के सात दिनों के भीतर भुगतान की उम्मीद की जा रही है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने उन जहाजों के लिए 30 दिनों की छूट दी है जो 20 मार्च तक लोड हो चुके हैं और 19 अप्रैल तक अनलोड हो जाएंगे। इसमें वे जहाज भी शामिल हैं जो पहले से प्रतिबंधों के दायरे में थे।
