दो महीने की शांति के बाद फिर एक्टिव हुई महंगाई डायन, क्यों पहुंची 8 महीनों के ऊंचे स्तर पर?

नई दिल्ली: खाद्य पदार्थों और कारखानों में बनी चीजों के दाम बढ़ने से दिसंबर में थोक महंगाई दर 8 महीनों के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने बुधवार को बताया कि होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) पर आधारित होलसेल इंफ्लेशन सालभर पहले के मुकाबले दिसंबर में 0.83% रही। दिसंबर 2024 में यह 2.57% थी।

दिसंबर में थोक महंगाई दर दो महीनों के बाद शून्य से ऊपर आई है। अक्टूबर में यह माइनस 1.02% और नवंबर में माइनस 0.32% थी। मिनिस्ट्री ने कहा, ‘दिसंबर में महंगाई का पॉजिटिव रेट मुख्य रूप से मिनरल्स, मशीनरी, टेक्सटाइल्स और कारखानों में बने फूड प्रोडक्ट्स के दाम बढ़ने के चलते रहा।’

क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?

केयरएज की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने कहा, ‘कुल मिलाकर होलसेल इंफ्लेशन अभी कंफर्टेबल लेवल पर बनी हुई है। खेती-बाड़ी की अच्छी हालत, अनुकूल बेस इफेक्ट और जलाशयों में अच्छे स्तर को देखते हुए आने वाले दिनों में फूड प्राइसेज का दबाव सीमित रखने में मदद मिलनी चाहिए।’

दिसंबर में खाद्य पदार्थों में महंगाई दर बढ़कर माइनस 0.43% हो गई, जो नवंबर में माइनस 4.16% थी। अनाज, दालों और सब्जियों के थोक भाव नवंबर के मुकाबले बढ़े। कारखानों में बनी चीजों में थोक महंगाई दर 1.82% हो गई, जो नवंबर में 1.33% थी। नॉन-फूड कैटिगरी में महंगाई दर 2.95% रही, जो नवंबर में 2.27% थी। सिन्हा ने कहा, ‘पिछले साल बेस कम होने के चलते आने वाले समय में होलसेल इंफ्लेशन कुछ बढ़ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर यह नरम ही रहेगी और इस वित्त वर्ष में इसका ऐवरेज 0.4% के आसपास रह सकता है।’
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