हाथियों को जंगल में रखने मप्र में असम मॉडल होगा लागू

भोपाल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में हाथियों को जंगल में रखने के लिए असम के हाथियों से जुड़ी एक सफल कहानी का जिक्र किया। साथ ही मध्य प्रदेश में नए बने रातापानी टाइगर रिजर्व का भी उल्लेख किया। इस पर भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री ने असम में हाथियों को लेकर किए गए सफल प्रयोग का जिक्र किया, जिसमें जंगल में खाने के लिए घास उगाई गई ताकि हाथी गांव में जाकर किसी को परेशान न करें। मुख्यमंत्री कहा कि वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस तरह का प्रबंधन करेंगे, ताकि जंगली हाथी जंगल में ही रहे और बाहर आकर किसी को कोई नुकसान न पहुंचाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में हाथियों को लेकर बताया कि हाथी बंधु नामक टीम ने मिलकर 800 बीघा बंजर भूमि पर नेपियर घास उगाई, जिससे हाथियों ने गांवों की ओर आना कम कर दिया और खेतों को बर्बाद होने से बचाया। इससे 100 गांवों को राहत मिली, प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को लेकर राज्य सरकारों को प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में रातापानी टाइगर रिजर्व का जिक्र किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक नया टाइगर रिजर्व मिलना, हमारे लिए सौभाग्य की बात हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल वह राजधानी बनी है, जहां मनुष्य और बाघों की सहअस्तित्व की भावना है-दिन में मनुष्य और रात में बाघ घूमा करते हैं। बता दें प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि हाल के समय में देश में दो नए टाइगर रिजर्व जुड़े हैं, जिनमें से एक मध्य प्रदेश के रातापानी टाइगर रिजर्व और दूसरा छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *