बांग्लादेश ने दीपू चंद्र दास की लिंचिंग की निंदा की, परिवार को आर्थिक सहायता का ऐलान

ढाका: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की लिंचिंग पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सरकार ने दीपू के परिवार की प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की है। दीपू मैमनसिंह में एक फैक्ट्री मजदूर थे। मंगलवार को, बांग्लादेश के शिक्षा सलाहकार प्रोफेसर सी आर अबरार ने यूनुस सरकार की ओर से पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इस मुश्किल समय में सहानुभूति और समर्थन का आश्वासन दिया। इस हत्याकांड को लेकर भारत से लेकर अमेरिका तक बांग्लादेश की आलोचना की गई है।

दीपू की पीट-पीटकर की गई थी हत्या

मैमनसिंह में एक फैक्ट्री मजदूर दास को 19 दिसंबर को कथित ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया था, और उनके शव को आग लगा दी गई थी। सरकार ने इस हत्या को एक जघन्य आपराधिक कृत्य बताया जिसका कोई औचित्य नहीं है और इस बात पर जोर दिया कि ऐसी हिंसा की बांग्लादेशी समाज में कोई जगह नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि आरोप, अफवाहें या विश्वास में मतभेद हिंसक कृत्यों का बहाना नहीं हो सकते, और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।

दीपू दास हत्याकांड में 12 लोग गिरफ्तार

बांग्लादेश की पुलिस ने इस अपराध के सिलसिले में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच जारी है। अंतरिम सरकार ने निर्देश दिया है कि मामले की पूरी तरह और बिना किसी अपवाद के जांच की जाए, और चेतावनी दी है कि ऐसे कृत्यों से कानून की पूरी ताकत से निपटा जाएगा। मुख्य सलाहकार के कार्यालय ने पुष्टि की है कि दीपू चंद्र दास के परिवार को वित्तीय और कल्याणकारी सहायता प्रदान की जाएगी, और संबंधित अधिकारी आने वाले समय में उनके साथ लगातार संपर्क में रहेंगे।

अमेरिकी सांसदों ने बांग्लादेश की आलोचना की

अमेरिकी सांसदों ने दीपू चंद्र दास की लिंचिंग की निंदा की और बांग्लादेश से धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और कानून के शासन को बहाल करने का आह्वान किया है। कांग्रेस सांसद राजा कृष्णमूर्ति और न्यूयॉर्क विधानसभा की सदस्य जेनिफर राजकुमार ने बढ़ती अस्थिरता और अशांति के बीच दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा की गई हत्या की कड़ी निंदा की। इलिनॉय से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद कृष्णमूर्ति ने बांग्लादेशी अधिकारियों से जवाबदेही सुनिश्चित करने, धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और कानून का शासन बहाल करने का आह्वान किया। न्यूयॉर्क विधानसभा की सदस्य जेनिफर राजकुमार ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ जारी हिंसा से वह ‘‘बेहद परेशान’’ हैं, जिसका सबसे हालिया उदाहरण दास की निर्मम हत्या है।

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