बंगाल की जॉब-गारंटी योजना महात्मा गांधी के नाम पर होगी:ममता बोलीं- मनरेगा से बापू का नाम हटाना शर्मनाक

रोजगार गारंटी स्कीम ‘मनरेगा’ से महात्मा गांधी का नाम हटाने के विवाद के बीच सीएम ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि बंगाल की रोजगार गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ का नाम बदलकर महात्मा गांधी के नाम पर रखा जाएगा।

राज्य में रोजगार गारंटी योजना ‘कर्मश्री’ 2024 में शुरू की गई थी। इसका मकसद ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों को आजीविका देना है। अब इसका नाम ‘महात्मा गांधी कर्मश्री’ योजना हो सकता है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने गुरुवार को बिजनेस और इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में कहा कि यह कदम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में लिया गया है।

दरअसल केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-जी राम जी करने का बिल गुरुवार को लोकसभा से पास करा लिया है।

विपक्षी दल लगातार महात्मा गांधी का नाम हटाकर नए बिल लाने का विरोध कर रहे हैं। ममता ने कहा कि केंद्र का यह फैसला बेहद शर्मनाक है।

बिजनेस मीट में ममता के संबोधन की 4 प्रमुख बातें…

  • योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखने का मकसद उनके योगदान को सम्मान देना है और साथ ही यह संदेश देना है कि बेरोजगार लोगों को रोजगार देने के लिए सरकार गंभीर है। केंद्र मनरेगा के तहत फंड रोक रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में काम के दिनों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का है।
  • कर्मश्री योजना के तहत राज्य ने पहले ही कई काम के दिन तय कर दिए हैं और इन्हें अपने रिसोर्स से चलाया जा रहा है। अगर केंद्र का फंड रोक भी दिया जाता है, तो भी हम यह पक्का करेंगे कि लोगों को काम मिले। हम भिखारी नहीं हैं।
  • बंगाल एक शांतिपूर्ण राज्य है। सोशल मीडिया पर जो नकारात्मक बातें फैलाई जा रही हैं, वे झूठी हैं और राज्य की छवि खराब करने के लिए की जा रही हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर गलत वीडियो और भ्रामक खबरें फैलाकर बंगाल को बदनाम करना चाहते हैं, लेकिन कोई भी बंगाल को नुकसान नहीं पहुंचा सकता।
  • कुछ लोग बंगाल की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे, लेकिन उन्हें नहीं पता कि राज्य में कितना विकास हुआ है। आज बंगाल देश के बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्र में शामिल है और दक्षिण-पूर्व एशिया, पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक जाने का मुख्य रास्ता है।

कर्म श्री योजना के बारे में जानें…

पश्चिम बंगाल सरकार ने 2024 में कर्म श्री योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक जॉब कार्ड धारक परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 50 दिनों का मजदूरी रोजगार प्रदान करना है। इससे बेरोजगारी दर कम करने और जीवन स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिलेगी।

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