कौन हैं IPS सुनील नायक और क्यों गिरफ्तार करने पटना पहुंची आंध्र पुलिस, जानें

पटना: बिहार कैडर के IPS अधिकारी और फायर विभाग के IG सुनील नायक को राहत मिली है। पटना स्थित आवास पर आज सुबह हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम सुबह 6 बजे उन्हें हत्या के प्रयास (धारा 307) के मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी। पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर ले जाने की पूरी तैयारी में थी, लेकिन इसी बीच सुनील नायक की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर स्टे लगा दिया। इस अदालती आदेश ने फिलहाल आईपीएस एम. सुनील नायक को बड़ी राहत दी है, जबकि सुबह से ही उनके आवास पर भारी गहमागहमी और तनाव का माहौल बना हुआ था।

IPS सुनील नायक की गिरफ्तारी पर रोक

आंध्र प्रदेश पुलिस जब सुनील नायक को हिरासत में लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही थी, तभी अदालत का स्टे ऑर्डर आ गया। कोर्ट के इस फैसले ने गिरफ्तारी की कार्रवाई पर तुरंत रोक लगा दी है, जिससे ट्रांजिट रिमांड की योजना खटाई में पड़ गई है। ये विवाद 2021 का है, जब सुनील नायक आंध्र प्रदेश सीआईडी में थे। उन पर नरसापुरम के पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्णा राजू के साथ हिरासत में मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप है। इसी आधार पर उन पर धारा 307 के तहत केस दर्ज है।

कौन हैं 2005 बैच के IPS सुनील नायक?

एम. सुनील नायक 2005 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं। फिलहाल बिहार के फायर ब्रिगेड में आईडी के पद पर तैनात हैं।

  • सुनील नायक मूल रूप से आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं और अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।
  • साल 2021 के दौरान वे अपने गृह राज्य आंध्र प्रदेश में सीआईडी (CID) में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे।
  • आंध्र प्रदेश में तैनाती के दौरान उन पर पूर्व सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू को हिरासत में प्रताड़ित करने का आरोप हैं
  • सुनील नायक पर हत्या के प्रयास (IPC 307) का मामला दर्ज हुआ, जिसकी वजह से वे वर्तमान में चर्चा में हैं।

IPS सुनील नायक से जुड़ा विवाद क्या है?

आईपीएस सुनील नायक से जुड़े विवाद की शुरुआत मई 2021 में हुई। आंध्र प्रदेश के नरसापुरम से तत्कालीन वाईएसआर कांग्रेस सांसद के. रघुराम कृष्ण राजू को 14 मई 2021 को कोविड-19 महामारी के दौरान गिरफ्तार किया गया था। राजू का दावा है कि तत्कालीन जगन रेड्डी सरकार ने उनके खिलाफ पूरी तरह झूठा मामला दर्ज किया था और उन्हें गलत तरीके से हिरासत में लिया गया।

  • पूर्व सांसद के मुताबिक गिरफ्तारी से कुछ हफ्ते पहले ही उनकी ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। इसके बावजूद, पुलिस ने उन्हें जबरन घसीटकर गाड़ी में बैठाया और उसी रात जबरन गुंटूर ले गए।
  • राजू के अनुसार, उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की आलोचना की थी, जिसके प्रतिशोध में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
  • टीडीपी (TDP) विधायक बनने के बाद रघुराम कृष्ण राजू ने 2023 में जगन मोहन रेड्डी और दो IPS अधिकारियों समेत कुल 5 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) की FIR दर्ज कराई।
  • इस मामले में बिहार कैडर के आईपीएस सुनील नायक, सीनियर आईपीएस सीतारमंजनेयुलु, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी आर. विजय पॉल और गुंटूर सरकारी अस्पताल की पूर्व सुपरिटेंडेंट जी. प्रभावत भी आरोपी हैं।
  • जिस की घटना है उस वक्त बिहार कैडर के आईपीएस सुनील नायक डेप्युटेशन पर आंध्र प्रदेश सीआईडी में पोस्टेड थे।
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