भोपाल में खाली चल रही मेट्रो, नहीं मिल रहे पैसेंजर, राजधानी में मेट्रो क्यों बनी घाटे का सौदा
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ड्रीम मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट शुरूआती चरण में उत्साह जनक नहीं रहा। पटरी पर पहली बार दौड़ने के महज तीन महीनों में ही यह लगभग खाली दौड़ रही है। बीते करीब एक महीने से रोजाना इसके पैसेंजर सैकड़ा के आसपास ही पहुंच रही है। ट्रेनों के फेरे भी घटाने पड़े, फिर भी लोग मेट्रो में सफर करने में रूचि नहीं दिखा रहे। कई दफा तो ट्रेन पूरे रूट पर खाली दौड़ती नजर आ रही है।भोपाल में बड़ी उम्मीद और उत्साह के साथ प्रारंभ हुई मेट्रो रेल को पहले चरण में यात्रियों की कमी से जूझना पड़ रहा है। कई दफा तो खाली ट्रेन ही पटरी पर दौड़ रही है। दरअसल 21 दिसंबर को जब मेट्रो का शुभारंभ हुआ था, उस समय रोजाना खूब पैसेंजर मेट्रो की सवारी का आनंद ले रहे थे, लेकिन धीरे—धीरे सवारियां कम होती जा रही हैं। 800 की क्षमता वाली मेट्रो को बमुश्किल एक सैकड़ा पैसेंजर भी नहीं मिल पा रहे।
