भोपाल पुलिस बनी ‘देवदूत’: कमिश्नर दफ्तर में युवक को आया हार्ट अटैक, 15 मिनट तक नहीं आई एंबुलेंस, जवानों ने CPR देकर बचाई जान

भोपाल। पुलिस कमिश्नर कार्यालय परिसर में सोमवार दोपहर एक युवक अचानक हार्ट अटैक आने के बाद जमीन पर गिर पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि गंभीर हालत की सूचना देने के बावजूद करीब 15 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। ऐसे में भोपाल पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए न केवल युवक को लगातार सीपीआर दिया, बल्कि अंततः अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाई।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार देवेंद्र सक्सेना करणी सेना का कार्यकर्ता है और सोमवार दोपहर करीब 12 बजे किसी काम से पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। दोपहर के समय वह अचानक सिर और सीने पर हाथ रखकर जमीन पर गिर पड़े। देखते ही देखते उनका शरीर अकड़ने लगा और हालत गंभीर हो गई।

मौके पर मौजूद आरक्षक रंजीत रघुवंशी और मुकेश साहू ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तत्काल सीपीआर देना शुरू किया। दोनों पुलिसकर्मियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद एंबुलेंस सेवा को काल किया गया था, लेकिन करीब 15 मिनट तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। दोबारा संपर्क करने पर बताया गया कि आसपास कोई एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है।

जवान लगातार सीपीआर देते रहे

इस बीच जवान लगातार सीपीआर देते रहे, जिससे युवक की सांसें और धड़कन सामान्य रखने का प्रयास किया जाता रहा। स्थिति की जानकारी मिलते ही डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा तिवारी को अवगत कराया गया। इसके बाद कार्यालय में मौजूद आरआइ जयसिंह तोमर ने बिना देर किए अपना वाहन उपलब्ध कराया।

पुलिसकर्मी तत्काल देवेंद्र सक्सेना को लेकर एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया। डाक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के मामलों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर सीपीआर और अस्पताल पहुंचाने से मरीज की जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

एक व्यक्ति को नया जीवन दे दिया

इस घटना में पुलिस जवानों की त्वरित कार्रवाई ने एक व्यक्ति को नया जीवन दे दिया, वहीं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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