भुवनेश्वर कुमार बनाम जसप्रीत बुमराह: IPL रिकॉर्ड से एक्शन तक, दोनों दिग्गजों में कौन ज्यादा खतरनाक है? समझें
नई दिल्ली: आईपीएल के इतिहास में जब भी सबसे प्रभावशाली भारतीय तेज गेंदबाजों की बात होगी तो भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह के नाम सबसे ऊपर आएंगे। ये दोनों दिग्गज अपनी धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों के लिए पहेली बने हुए हैं। जहां एक तरफ बुमराह मौजूदा दौर के सबसे घातक गेंदबाज माने जाते हैं वहीं भुवनेश्वर कुमार आईपीएल इतिहास के सबसे सफल तेज गेंदबाज के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।
भुवनेश्वर कुमार ने 200 विकेट पूरे किए
हाल ही में भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल में इतिहास रचते हुए एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया है। वह युजवेंद्र चहल के बाद इस लीग में 200 विकेट का आंकड़ा छूने वाले दूसरे गेंदबाज और पहले भारतीय पेसर बन गए हैं। साल 2011 में पुणे वॉरियर्स के साथ अपने सफर की शुरुआत करने वाले भुवी ने सनराइजर्स हैदराबाद के साथ अपने करियर का लंबा समय बिताया। उन्होंने 2016 में हैदराबाद को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई और लगातार दो साल (2016 और 2017) पर्पल कैप जीतकर अपनी बादशाहत साबित की।
भुवी ने आरसीबी को भी जिताया खिताब
दिलचस्प बात यह है कि आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने भुवनेश्वर को अपनी टीम में शामिल किया और इसी साल बेंगलुरु का सालों पुराना खिताबी सूखा भी खत्म हुआ। आरसीबी की पहली खिताबी जीत में भुवी के अनुभव का बड़ा हाथ रहा और वह आईपीएल 2026 में भी इसी टीम के लिए अपना जलवा बिखेर रहे हैं।
बुमराह मुंबई इंडियंस की ताकत
दूसरी ओर, जसप्रीत बुमराह 2013 से लगातार मुंबई इंडियंस के साथ बने हुए हैं। मुंबई के पांचों खिताबों में बुमराह की गेंदबाजी मुख्य आधार रही है। जसप्रीत बुमराह भले ही अब तक अपने करियर में पर्पल कैप न जीत पाए हों लेकिन उनकी शानदार इकोनॉमी और विकेट लेने की क्षमता उन्हें दुनिया का नंबर-1 गेंदबाज बनाती है। मुंबई इंडियंस ने उन्हें एक रत्न की तरह संभाल कर रखा है और वह आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी भारत के सबसे बड़े हथियार हैं। आईपीएल 2026 में भी वह मुंबई के पेस अटैक की कमान संभाल रहे हैं और भुवनेश्वर के 200 विकेटों के रिकॉर्ड की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं।
कौन किस पर भारी?
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ है कि भुवनेश्वर ने अधिक मैच खेले हैं लेकिन बुमराह कम मैचों में ही उनके काफी करीब पहुंच चुके हैं। बुमराह का औसत और इकोनॉमी रेट भुवी से बेहतर है, जो उन्हें टी20 फॉर्मेट में थोड़ा ज्यादा प्रभावी बनाता है। हालांकि, भुवनेश्वर की स्विंग कराने की क्षमता उन्हें एक अलग ही लीग में खड़ा करती है। वहीं बुमराह की यॉर्कर और तेजी से अंदर आने वाली गेंद दुनियाभर के बल्लेबाजों के लिए टेंशन बनी रहती हैं।
