लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस व इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका 

पन्ना। मध्य प्रदेश की खजुराहो लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी मीरा दीपनारायण यादव का नामांकन फॉर्म रिजेक्ट करने का मामला गरमाया हुआ है। जानकारी अनुसार नामांकन फॉर्म में निश्चित जगह पर हस्ताक्षर नहीं करने और पुरानी नामावली लगाने के चलते पन्ना जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेश कुमार मिश्रा ने नामांकन रद्ध करने का फैसला लिया है। इसे लेकर जहां कांग्रेस ने विरोध जताया है वहीं नामांकन रद्द करने के खिलाफ सपा प्रत्याशी मीरा यादव हाईकोर्ट जाने की तैयारी करती नजर आ रही हैं। 
यहां समाजवादी पार्टी की प्रतयाशी मीरा यादव के पति और पूर्व विधायक दीपनारायण यादव ने बताया, कि उनका नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया है। नामांकन में दो कमियां बताई गईं हैं। इनमें से पहली कमी के तौर पर बताया गया है कि वोटर लिस्ट की सर्टिफाइड कॉपी पुरानी लगाई गई है। जबकि दूसरी कमी के तौर पर, दो जगहों पर साइन की बजाय एक ही जगह हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि हमने 2 अप्रैल को सर्टिफाइड कॉपी के लिए आवेदन किया था, जो कि 3 अप्रैल को भी नहीं मिली। इसलिए जो सर्टिफाइड कॉपी हमारे पास उपलब्ध थी, उसे ही लगा दी। यदि वह कॉपी खराब थी तो हमें बताया जाता, हम फिर से कॉपी उपलब्ध करा देते। जो कमियां थीं, उसे कल बताया जाता तो उसे पूरा किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि अब हम इस स्थिति में हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और निर्वाचन आयोग जाएंगे। 

सपा ने मनोज की जगह मीरा को दिया था टिकट  
यहां बतलाते चलें कि समाजवादी पार्टी ने खजुराहो सीट पर मनोज यादव को 31 मार्च को प्रत्याशी घोषित किया था। फिर अचानक दो दिन बाद ही 2 अप्रैल को उनकी जगह पर मीरा यादव को उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। उन्होंने दूसरे चरण के नामांकन के आखिरी दिन 4 अप्रैल को पर्चा दाखिल किया, जिसे कमियों के चलते रद्ध कर दिया गया है। 

26 अप्रैल को होना है मतदान 
गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन में समझौते के तहत खजुराहो सीट कांग्रेस ने सपा के लिए छोड़ी थी। यहां भारतीय जनता पार्टी ने मौजूदा सांसद और पार्टी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को प्रत्याशी घोषित किया है। लोकसभा चुनाव 2024 के कार्यक्रम अनुसार खजुराहो सीट पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होना है।

रिटर्निंग ऑफिसर ने खामियां बताईं
खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर व पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने मीडियाकर्मियों से चर्चा करते हुए बतलाया कि सपा प्रत्याशी के नामांकन फॉर्म के रिजेक्ट होने के प्रमुख दो कारण हैं। पहली खामी, सपा प्रत्याशी मीरा यादव ने अपने नामांकन फॉर्म के साथ सत्यापित मतदाता सूची संलग्न नहीं की और दूसरी खामी के तौर पर फॉर्म में दो जगह के स्थान पर एक ही जगह पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 

जीतू बोले यह लोकतंत्र की हत्या
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने बयान में कहा कि कलेक्टर कुर्सी पर नहीं थे। मीरा यादव और उनके पति दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे के बाद तक कलेक्टर ऑफिस में मौजूद रहे, लेकिन तब तक कलेक्टर ऑफिस में नहीं आए। यह तो लोकतंत्र के साथ मजाक है। यह लोकतंत्र की हत्या है और कांग्रेस व इंडिया गठबंधन इसका विरोध करता है। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।   

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