मुंबई से लाकर दोस्तों को पार्टियों में लगाई नशे की लत, दो गिरफ्तार

रतलाम ।    वैसे तो स्मैक, ब्राउन शुगर नशे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है,लेकिन कुछ वर्षों से शहर में एमडी नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है। अनेक लोग इसकी लत का शिकार हो गए। पहले ड्रग्स राजस्थान से रतलाम आता था लेकिन अब महाराष्ट्र व गुजरात से भी सप्लाय होने का मामला सामने आया है। पुलिस ने नशे का कारोबार फैलाने के मामले में दो साड़ी व्यापारियों को भी गिरफ्तार किया है। एसपी राहुलकुमार लोढा ने पत्रकारवार्ता में बताया कि 15 जून 2023 को होटल व्याारी सचिन सोलंकी का शव कुएं में मिला था। उसके बारे में जानकारी मिली थी कि वह नशा बेचने वालों के संर्पक में था। बारिकी से जांच कर नशे के कारोबार की चेन खंगालना शुरु किया तो धीरे-धीरे कई नई जानकारियां मिली।

इसी बीच ब्राउन शुगर की तस्करी करते आरोपित साजिद उर्फ सज्जू पुत्र साबिर हुसैन निवासी हाथीखाना रोड को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने आरोपित जफर मेवाती पुत्र अजीज मेवाती निवासी ग्राम हसनपालिया हालमुकाम जावरा का नाम बताया। जफर को गिरफ्तार कर पूछताछ कि उसने उसे मादक पदार्थ आरोपित 39 वर्षीय दीपक नागौरी पुत्र चंद्रप्रकाश नागौरी निवासी घांस बाजार व 52 वर्षीय मनोज जैन पुत्र पारसमल जैन निवासी नौलाईपुरा हालमुकाम दादर वेस्ट मुंबई द्वारा उपलब्ध कराने की जानकारी दी। दीपक व मनोज को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे गुजरात के एक व्यक्ति से स्मैक व ब्राउन शुगर लेते थे। गुजरात के व्यक्ति सहित दो आरोपितों की तलाश जारी है।

पत्नी के निधन के बाद चला गया था मुंबई

एसपी लोढा ने बताया कि मनोज जैन शहर में साड़ी का व्यापार करता था। वर्ष 2012 में पत्नी का निधन होने के बाद वह मुंबई चला गया तथा वहां एमसीएक्स का काम करने लगा। उसे अच्छी आय होने लगी। वह मुंबई में देह व्यापार के अड्डों पर जाने लगा तथा वहीं उसे कोकिन के नशा की लत पड़ी। वह जब रतलाम आता तो मुंबई से कोकिन लाता तथा यहां अमीरी बताने के लिए दोस्तों, परिवार के लोगों को पार्टी देता, साथ ही पार्टी में कोकिन का नशा कराता था। उसके साथ रिश्तेदार दीपक भी शामिल हो गया। इस तरह मनोज ने शहर में कस्मटर बैस बनाना शुरू किया।

जफर ने कराया एमडी से परिचित

एक पार्टी में मनोज की मुलाकात जफर से हुई। जफर ने उसे एमडी नशे से परिचित कराकर उपलब्ध कराया। फिर मनोज एमडी नशा करने लगा।एमडी एक सिन्थेटिक ड्रग होकर उसका नशा कोकिन से ज्यादा होता है। मनोज को एमडी की लत लगी तो वह दोस्तों व परिचितों को भी एमडी नशा कराने लगा।

धीरे-धीरे एमडी नशे के शौकिनों की संख्या बढती गई। एमडी नशा काफी महंगा होता है, जिसे वाइट कालर लोग ज्यादा करने लगे। कई संभ्रात व बड़े परिवारों के युवा इसकी लत का शिकार हो गए। यासिर उर्फ बाजा निवासी कलाईगर रोड भी नशे के कारोबार में लिप्त पाया गया। उसे भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

सप्लाय चेन तोड़ी जाएगी

एसपी लोढ़ा ने बताया कि बाहर से रतलाम शहर में सप्लाय हो रहे एमडी, स्मैक, ब्राउन शुगर आदि नशे की सप्लाय चेन तोड़ी जाएगी। शीघ्र ही ड्रग्स कारोबार से जुडे बडे माफियाओं को भी गिरफ्तार किया जाएगा। जिन लोगों को एमडी की लत लग चुकी है, उन्हे लत से मुक्त कराने के प्रयास करेंगे, लेकिन यदि कोई एमडी के साथ पकडा जाता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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