देश में पहली बार अंडरवाटर रोड-रेल टनल योजना को कैबिनेट की मंजूरी, चीन की बढ़ेगी टेंशन
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे अंडरवाटर रोड-रेल टनल बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह देश की पहली सुरंग होगी जिसमें सड़क और रेल दोनों होंगी। इसे ट्विन ट्यूब टीबीएम टनल नाम दिया गया है। इसमें एक टनल में रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर और दूसरे में रोड होगी। इसकी कुल लंबाई 33.7 किमी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इस योजना से जुड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि शुक्रवार को 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये के फैसले लिए गए। इसमें इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, अर्बन चैलेंज फंड, स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 शामिल हैं। तीन रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
देश की पहली अंडरवाटर रोड-रेल टनल असम में गोहपुर और नुमालीगढ़ कॉरिडोर के बीच बनाई जाएगी। इसकी कुल लागत 18,662.02 करोड़ रुपये होगी। अभी नुमालीगढ़ से गोहपुर जाने में 240 किमी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है जिसमें करीब 6 घंटे लगते हैं। लेकिन अब ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे रोड कम रेल टनल के जरिए चार लेन की एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी को मंजूरी दी गई है। इससे नुमालीगढ़ और गोहपुर का रास्ता केवल आधे घंटे में तय हो सकेगा। यह देश में पहली अंडरवाटर कम रोड टनल है। दुनिया में अब तक इस तरह की एक ही सुरंग है। इस प्रोजेक्ट से असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और पूर्वोत्तर के दूसरे राज्यों को फायदा होगा। साथ ही इससे फ्रेट मूवमेंट में आसानी होगी, लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी आएगी और पूर्वोत्तर के विकास को गति मिलेगी।
नोएडा मेट्रो का विस्तार
कैबिनेट ने साथ ही नोएडा मेट्रो के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है। नोएडा सेक्टर 142 से बोटेनिकल गार्डन के बीच 11.56 किमी सेक्शन को मंजूरी मिल गई है। इस पर कुल 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे। इसके साथ ही नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क 61.62 किमी पहुंच जाएगा। बोटेनिकल गार्डन में यह दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मेजेंटा लाइन से आकर जुड़े। इससे नोएडा से ग्रेटर नोएडा जाना और आसान हो जाएगा। इस योजना पर 2,254 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
रेलवे के मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट
कैबिनेट ने इसके अलावा रेलवे के तीन मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इनमें कसारा से मनमाड के बीच तीसरी और चौथी लाइन, दिल्ली से अंबाला के बीच तीसरी और चौथी लाइन तथा बेल्लारी से होस्पेटे के बीच तीसरी और चौथी लाइन शामिल है। इनकी अनुमानित लागत 18,509 करोड़ रुपये है और इन पर काम 2030-31 तक पूरा होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करते हैं और इनके पूरा होने पर रेलवे का नेटवर्क 389 किमी बढ़ जाएगा।
स्टार्टअप को मदद
कैबिनेट ने साथ ही शहरी क्षेत्र के कायाकल्प के लिए एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता के साथ अर्बन चैलेंज फंड लॉन्च करने की योजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सहायता कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 25 फीसदी कवर करेगी लेकिन इसके लिए प्रोजेक्ट की कम से कम 50 फीसदी कॉस्ट मार्केट से जुटानी होगी। इससे अगले पांच साल में अर्बन सेक्टर में कुल 4 लाख करोड़ रुपये के निवेश होने की संभावना है। साथ ही स्टार्टअप ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को मंजूरी दी। इसके लिए 10,000 करोड़ रुपये का कॉर्पस रखा गया है। इसका मकसद वेंचर कैपिटल को मोबिलाइज करना है।
