मकर, कुंभ, मीन, पर शनि की साढ़ेसाती की छाया…ज्येष्ठ अमावस्या पर करें ये 4 उपाय, मिलेगी राहत

सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है .वैसे ही भगवान शनि की पूजा करने के लिए शनिवार का दिन सबसे पवित्र माना जाता है .लेकिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि के दिन शनि देव की विशेष पूजा आराधना करने का विधान है. पंचांग के अनुसार हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जाती है. मान्यता है कि ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि देव का जन्म हुआ था. शनि जयंती के दिन शनिदेव की भक्ति-भाव और विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस दिन शनि देव की पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

धार्मिक कथाओं के मुताबिक ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर ही सूर्यपुत्र शनि का जन्म हुआ था .हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष शनि जयंती 6 जून को मनाया जाएगा तो चलिए आज हम आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि इस दिन कुछ खास उपाय करने से जातकों के ऊपर शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती दूर हो जाती है तो चलिए जानते हैं .

शनि जयंती पर करें उपाय
अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम बताते हैं कि शनि देव को कर्म फलदाता भी कहा जाता है. ये व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं. शनि जब किसी जातक पर प्रसन्न होते हैं तो वह रंक से राजा बना देते हैं और रुष्ट होते हैं तो व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां आती हैं. ऐसी स्थिति में शनि जयंती के दिन अगर आप कुछ खास उपाय करते हैं तो इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती से भी मुक्ति मिलती है .

मकर, कुंभ, मीन, पर साढ़ेसाती की छाया
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हालांकि ज्योतिष गणना के मुताबिक शनिदेव अभी कुंभ राशि में विराजमान है और कुंभ राशि में विराजमान होने से 5 राशि के जातकों पर शनि की शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती चल रही है जिसमें मकर, कुंभ, मीन, पर साढ़ेसाती चल रही है तो वहीं कर्क और वृश्चिक राशि के जातक पर शनि की ढैय्या का प्रभाव है. ऐसी स्थिति में शनि जयंती के दिन कुछ खास उपाय करने से इससे मुक्ति भी पाया जा सकता है

⦁ शनि जयंती के दिन बरगद के पेड़ पर मीठा दूध चढ़ाने से शनि देव प्रसन्न होते हैं साथ ही पीपल के वृक्ष की पूजा करने से भी शनि दोष से मुक्ति मिलती है. अगर आप शनि जयंती के दिन ऐसा करते हैं तो जीवन में आ रही तमाम तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलेगी.
⦁ शनि जयंती के दिन शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए सुबह जल्दी उठें और स्नान करें. इसके बाद विधि-विधान से शनि देवता की पूजा करें और शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें. इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं.
⦁ शनि जयंती के दिन शनि चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए. इस उपाय को करने से जातकों के ऊपर शनि की बुरी नजर नहीं पड़ती है. ऐसे जातकों पर शनि की कृपा दृष्टि बनी रहती है और जीवन में शुभ फल की प्राप्ति होती है.
⦁ शनि जयंती के दिन भगवान शिव और हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। कहते हैं शिवजी और हनुमान भक्तों के ऊपर शनि की कभी बुरी दृष्टि नहीं पड़ती है। ऐसे जातकों को शनि कभी भी परेशान नहीं करते हैं, बल्कि अपनी कृपा दृष्टि बरसाते हैं
 

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