चंद्रयान-तीन मिशन हुआ लांच, रितु करिधाल के घर पर खुशी का दिखा माहौल….

लखनऊ। भारतीय आंतरिक अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने शुक्रवार को चंद्रयान-तीन मिशन लांच किया। सफलता के साथ ही जहां देश में खुशी की लहर है वहीं उनके परिवार के लोग व रिश्तेदार खुद पर गर्व महसूस कर रहे हैं। राजाजीपुरम ई-ब्लाक में चंद्रयान-ती लांच होने पर रितु करिधाल के घर पर खुशी का माहौल दिखा और ईष्ट मित्रों के बधाई देने का स‍िलस‍िला शन‍िवार को भी जारी रहा।

टीवी पर लाइव प्रसारण देख हर कोई कर रहा था देश की बेटी पर गर्व

शुक्रवार को दोपहर 2:35 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से चंद्रमा की ओर गए चंद्रायन-तीन के सफल लांच पर रोहित करिधाल व पत्नी विनुश्री, बेटा ओम बेटी काशी के साथ साथ अपने मित्र अनूप मणि त्रिपाठी सभी लोग टीवी पर प्रसारण देख रहे थे। एक दूसरे को मिठाई खिला कर खुशी का इजहार कर रहे थे। उनका भाई सुभाष नोएडा और बहन वर्षा बड़ोदरा में रहती हैं।

म‍िशन में लगी थी बहन, ज्‍यादा देर तक नहीं हुई बात

लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा रितु करिधाल के छोटे भाई रोहित करिधाल ने कहा कि मुझे ही नही पूरे देश को गर्व है। बहन की सफलता के लिए मैंने उन्हें फोन पर बधाई दी और आगे की सफलता के लिए शुभकामाएं दी। ज्यादा देर बात नहीं हो सकी, क्योंकि मिशन में लगी हुईं थीं। राजाजीपुरम स्थित आवास पर भी लोगों के आने का क्रम जारी है। सभी उनकी जगह बधाई दे रहे हैं।

रितु करिधाल को म‍िल चुका है इसरो की ओर से यंग साइंटिस्ट का अवार्ड

रितु ने वर्ष 1991 में बीएससी भौतिक विज्ञान में प्रवेश लिया था और 1996 में एमएससी भौतिक विज्ञान की डिग्री पूरी की। मेधावी होने के साथ ही उनकी रुचि स्पेस फिजिक्स में थी। पीएचडी भौतिक विज्ञान में प्रवेश लेते ही 1997 में उनका चयन इसरो में हो गया, जिसकी वजह से वह पीएचडी नहीं पूरी कर पाईं थीं। रितु को वर्ष 2019 के दीक्षा समारोह में मानद उपाधि से सम्मानित किया था। वह चंद्रयान-दो में मिशन डायरेक्टर भी रही हैं। उन्हें इसरो में लंबा अनुभव है। रितु करिधाल को साल 2007 में इसरो की ओर से यंग साइंटिस्ट का अवार्ड मिल चुका है। लखनऊ विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियो को भी अपनी पूर्व छात्रा पर गर्व है।

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