सीबीएसई के एक्जाम पैटर्न में बदलाव

भोपाल। इस साल सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से संबद्धता प्राप्त स्कूल में कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड प्रश्न-पत्रों के पैटर्न में बदलाव किया है। सीबीएसई में अब बोर्ड परीक्षा में पूछे जाने वाले सवाल नए पैटर्न के होंगे। इसमें विद्यार्थियों को टॉपिक्स को रटने की परंपरा खत्म हो जाएगी। इसे नई एजुकेशन पॉलिसी के हिसाब से तैयार किया जाएगा। इसके लिए बोर्ड ने सभी स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र भी जारी कर दिए हैं। इस पत्र में बोर्ड ने उल्लेख किया है कि 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 में शॉर्ट और लॉन्ग क्वेश्चन कम और मल्टीपल च्वॉइस क्वेश्चन (एमसीक्यू) ज्यादा हो सकते हैं। इसका फायदा यह होगा कि छात्रों पर से थ्योरी का बोझ कम होगा। वहीं एमसीक्यू को लेकर बोर्ड परीक्षा के लिए अपनी रणनीति बना पाएंगे।
सीबीएसई के नेशनल ट्रेनर अनुराग गुप्ता का कहना है कि इस नए पैटर्न से विद्यार्थियों को काफी फायदा मिलेगा। इससे थ्योरी रटने के बजाय टॉपिक्स को समझने पर ज्यादा फोकस करेंगे। उसके हिसाब से ही स्कूलों में नई टेस्ट सीरीज जारी की जाएगी, जिससे छात्र इस पैटर्न को समझकर एमसीक्यू की प्रैक्टिस कर पाएंगे। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में पहली बार रिस्पॉन्स आधारित सवालों को शामिल किया है। इससे छात्रों के सामने बहुविकल्पीय सवाल रहेंगे लेकिन उसके उत्तर में छात्रों का रिस्पॉन्स देखा जाएगा। यानी छात्र किसी सवाल को हल करने की भी कोशिश करता है तो उसे इसके बदले अंक दिए जाएंगे। रिस्पॉन्स बेस्ड सवालों की संख्या 20 फीसदी तक रहेगी। इसको लेकर छात्रों के लिए स्पेशल क्लास का आयोजन किया है। इससे उन्हें बोर्ड परीक्षा के पैटर्न की गहनता से जानकारी दी जाएगी।

ऐसा रहेगा परीक्षा में प्रश्न-पत्रों का पैटर्न
10वीं का प्रश्न पत्र- 10वीं में 50 प्रतिशत प्रश्न एमसीक्यू, केस बेस्ड क्वेश्चंस, सोर्स आधारित एकीकृत प्रश्न या किसी अन्य प्रकार के रूप में योग्यता आधारित होंगे। पिछले शैक्षणिक सत्र में ऐसे प्रश्नों का वेटेज 40 फीसदी था। अब अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत वेटेज के साथ एमसीक्यू आएंगे। लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का भार पिछले वर्ष के 40 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत कर दिया है।
12वीं का प्रश्न पत्र- इसी तरह कक्षा 12वीं के प्रश्न- पत्र में 40 प्रतिशत सवाल एमसीक्यू, केस- बेस्ड क्वेश्चन, सोर्स बेस्ड एंटीग्रेटेड क्वेश्चन या किसी अन्य प्रकार के रूप योग्यता पर केंद्रित होंगे। पिछले शैक्षणिक सत्र में ऐसे प्रश्नों का वेटेज 30 फीसदी था। 12वीं कक्षा में भी अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत वेटेज के साथ एमसीक्यू आएंगे। वहीं लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न पिछले वर्ष तक 50 प्रतिशत तक आते थे, जिन्हें अब घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया है।

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