मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में गुजरात मॉडल को लेकर पूर्व मंत्रियों में असमंजस

भोपाल । मध्य प्रदेश के 18 पूर्व मंत्री चुनाव जीतकर आए हैं। इसके अलावा सांसद और अन्य केंद्रीय मंत्री भी चुनाव जीत कर आए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर यह कहा जा रहा है, किमध्य प्रदेश मंत्रिमंडल के निर्माण में गुजरात मॉडल लागू हो सकता है। इसको लेकर पूर्व मंत्रियों के दिलों की धड़कन बढ़ गई है। इसके साथ ही पुराने मंत्री जो 2018 का चुनाव हार गए थे। वह इस चुनाव में पुनः जीत गए हैं। उन्हें भी मंत्री बनाए जाने की आशा थी। जब तक मंत्रिमंडल का गठन नहीं होता है। तब तक सबके दिलों की धड़कनें बढ़ी हुई है। उन्हें मौका मिलेगा या गुजरात मॉडल लागू होने के बाद युवा चेहरे ही मंत्रिमंडल में शामिल किए जाएंगे। गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में पार्टी को भारी जीत मिली थी। वैसे ही प्रचंड जीत मध्य प्रदेश में मिली है। मंत्रिमंडल गठन को लेकर पूर्व मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं में बड़ी घबराहट है। 
 17 दिसंबर को दिल्ली में कुछ मंत्रियों के नाम फाइनल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा और प्रदेश संगठन मंत्री
हितानंद दिल्ली पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री की नियुक्ति शुभ मुहूर्त में हो चुकी है। ऐसी स्थिति में मंत्रियों को मलमास में शपथ दिलाई जाने की भी चर्चा है। 

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