राजस्थान विधानसभा में कफ सीरप पर रार: स्वास्थ्य मंत्री बोले- ‘दवा नहीं, ओवरडोज जिम्मेदार’
जयपुर: राजस्थान विधानसभा का प्रश्नकाल आज ‘फ्री दवा योजना’ और कफ सीरप से हुई मौतों के मुद्दे पर बेहद गरमागरम रहा। कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की, जिस पर स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने अपनी दलीलों से पलटवार किया।
‘दो-चार मौतें ही हुई हैं’: मंत्री का बयान
कफ सीरप से बच्चों की मौत के मामले पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मामले में कोई बड़ी संख्या में मौतें नहीं हुई हैं, केवल ‘दो, चार या पांच’ मौतें हुई हैं। उन्होंने मौतों का कारण दवा की गुणवत्ता के बजाय ‘ओवरडोज’ को बताया। मंत्री ने कहा, ‘माता-पिता अक्सर वही कफ सीरप बच्चों को दे देते हैं जो वे खुद के लिए लाते हैं। इनमें कोडीन जैसे केमिकल होते हैं, जिनका ओवरडोज जानलेवा साबित हुआ। दवाई खराब होने से कोई डेथ नहीं हुई है।’
जवाब पर जूली का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के जवाब पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब मंत्री खुद मान रहे हैं कि मौतें हुई हैं, तो इसकी गंभीरता को समझना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि जिस कंपनी की दवा पर सवाल उठ रहे हैं, वह कई जगह ब्लैकलिस्ट भी हुई है। जूली ने कहा, ‘मुमकिन है कि दवा पहले ठीक हो और बाद में उसकी गुणवत्ता खराब हो गई हो।’
