मध्य प्रदेश में बेखौफ अपराधी, पकड़े जा रहे फिर भी बढ़ता जा रहा अपराध
भोपाल। ‘ज्यों-ज्यों दवा की, मर्ज बढ़ता गया’, इस तरह का हाल प्रदेश में अपराधों को रोकने का है। इसके तीन उदाहरण देखें- एक ड्रग माफिया को नेस्तनाबूद करने की बात, गौ-तस्करी रोकने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टालरेंस का दावा। भोपाल के स्लाटर में हाउस में गायें काटे जाने का मामला आया। राजनीति भी गरमाई। इसके बाद भी हाल यह कि प्रतिदिन प्रदेश में कहीं न कहीं गायों को अवैध तरीके से ले जाते हुए ट्रक पकड़ा जा रहा है।
भोपाल में एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री दो वर्ष पहले पकड़ी गई थी, तब भी पुलिस ने दूसरे राज्यों से मध्य प्रदेश तक पहुंचने वाली एमडी ड्रग और उसे बनाने की सामग्री को प्रदेश में आने से रोकने के लिए सख्त निगरानी की बात कही थी। आरोपितों को पकड़ा भी गया था। इसके बाद हर दूसरे-तीसरे दिन में कोई नशीला पदार्थ बनाने और बेचने वाला संगठित गिरोह पकड़ा जा रहा है।
ड्रग बनाने का कारखाना पकड़ा गया
हाल ही में राजगढ़, अशोकनगर और इंदौर के महू में एमडी ड्रग बनाने का कारखाना पकड़ा गया। गांजा तस्करों ने प्रदेश तक गांजा पहुंचाने के लिए डंकी रूट बना लिए हैं, आंध्र प्रदेश से प्रदेश के भीतरी हिस्सों तक गांजा पहुंच रहा है। भ्रष्टाचार की बात करें तो हर दिन औसतन एक आरोपित रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े जा रहा है।
इससे साफ है कि अपराधियों को कोई डर नहीं है। वे अपराध भी कर रहे हैं और डरा भी रहे हैं। पुलिस पर हमले भी कर चुके हैं। पुलिस के एक सेवानिृवत अधिकारी कहते हैं कि खुफिया तंत्र फेल है। भोपाल में एमडी ड्रग बनाने का कारखाना दो वर्ष से भी अधिक समय से बंद फैक्ट्री में चल रहा था, पर यहां कि पुलिस को पता नहीं चला। गुजरात की पुलिस ने आकर पकड़ा।
फरवरी में कहां, कौन से आरोपी पकड़े
नीमच में 11 फरवरी को कपास की आड़ में अफीम की खेती पकड़ी गई। 11 हजार 600 नग हरे पौधे जब्त किए गए। उसी दिन राजगढ़ में पुलिस ने 21 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की। इसके पहले राजगढ़ में ही सात फरवरी को एमडी ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला 266 किलोग्राम केमिकल जब्त किया गया।
गोवंश एवं पशु तस्करी की बात करें तो एक से सात फरवरी के बीच सिवनी, छतरपुर सहित सात जिलों में 141 गोवंश को मुक्त कराया गया। सिवनी में दो अलग-अलग ट्रक में ले जाए जा रहे 66 गोवंश को पुलिस ने मुक्त कराया। इस तरह से पुलिस ने झाबुआ, मुरैना, अशोकनगर, इंदौर ग्रामीण, ग्वालियर, कटनी, दतिया, और जबलपुर में मिलाकर हजारों पेटी शराब जब्त की।
