सरकार के प्रयासों के बाद भी मध्य प्रदेश में शासकीय नौकरी में युवाओं की भागीदारी कम

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए निरंतर प्रयासरत है, बावजूद इसके शासकीय नौकरी में युवाओं की भागीदारी कम ही हैं। मध्य प्रदेश में 18 से 30 आयु वर्ग के 68 हजार युवा ही सरकारी नौकरी में नियमित हैं। इसके मुकाबले सर्वाधिक 93,116 शासकीय सेवक 45 से 50 आयु के हैं।हालांकि सरकार का दावा है कि इस वर्ष 76 हजार युवाओं को नौकरी दी गई है, इनमें निजी व शासकीय दोनों सेक्टरों शामिल हैं। इधर, मध्य प्रदेश में अब भी 25,76,806 बेरोजगार युवा है, इन बेरोजगारों को सरकार ने आकांक्षी युवा नाम दिया है। इस वर्ष 6,91,887 नए बेरोजगारों ने रोजगार पाने के लिए अपनी पंजीयन कराया है।

निजी क्षेत्र में 23 माह में छह लाख युवाओं को रोजगार मिलने का दावा

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार निजी क्षेत्र में भी युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में सरकार ने देश ही नहीं, विदेश जाकर भी निवेश लाने का प्रयास किया है। इसमें कुछ हद तक सरकार सफल भी रही है। वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष घोषित किया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 23 माह के कार्यकाल में आठ लाख करोड़ रुपये के नए उद्योग लगे हैं और इनमें छह लाख युवाओं को काम मिला है।

सात साल में 62.75 लाख बेरोजगारों ने कराया पंजीयन, इस वर्ष संख्या घटी

मप्र में वर्ष 2018 से जून 2023 के बीच 62 लाख 75 हजार बेरोजगार युवाओं ने रोजगार कार्यालयों में पंजीयन कराया। अब यह संख्या घटी है। वर्ष 2018 में 26.82 लाख बेरोजगार पंजीकृत थे, जो 2023 में बढ़कर 33.13 लाख हो गए थे। वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 25 लाख 76 हजार 806 रह गई है।

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