गौसंरक्षण से ही विकास संभव: भीमागोपनाथ गौशाला उद्घाटन में गूंजा संदेश

रायपुर। बेलटिकरी स्थित गोविन्द भीमागोपनाथ गौशाला का उद्घाटन समारोह श्रद्धा, भक्ति और व्यापक जनसहभागिता के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में गौसेवा, जैविक कृषि और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश प्रमुखता से उभरा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय रहीं। विशिष्ट अतिथियों में बसना विधायक संपत अग्रवाल, महिला आयोग सदस्य एवं महिला प्रदेश उपाध्यक्ष सरला कोसरिया और सारंगढ़ विधायक केरा बाई शामिल रहीं। मनोहर गौशाला के ट्रस्टी और परम गौभक्त डॉ. अखिल जैन ने आशीर्वचन देते हुए गौसंरक्षण को राष्ट्र और समाज के लिए अनिवार्य बताया।

श्रीमती साय ने अपने उद्बोधन में गोभक्ति, धार्मिक आस्था और बच्चों में संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला। विधायक अग्रवाल ने गोवंश से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए गौआधारित जीवन पद्धति को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति से वातावरण अत्यंत गरिमामय रहा। कृषि एवं गौसेवा पर आयोजित सत्र में जैविक किसान अंतर्यामी प्रधान और अन्नपूर्णा महिला समिति की अध्यक्ष हरिता पटेल ने कहा कि गौवंश और कृषि के बिना समग्र एवं सतत विकास संभव नहीं है। 

प्रशिक्षण लेने वाले किसानों को मिला प्रमाण पत्र
डॉ. अखिल जैन ने किसानों को जैविक खेती का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया तथा प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले किसानों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। इसके अलावा उन्होंने बनवारी गौशाला सरायपाली में भी फसल अमृत बनाने की ट्रैनिंग दी। जैन ने कहा कि गोवंश संरक्षण और जैविक कृषि को बढ़ावा देना समाज का सामूहिक दायित्व है। प्रवास के दौरान डॉ. जैन ने जैविक किसान लक्ष्मीकांत प्रधान के खेतों का अवलोकन किया और सरायपाली में सुशील जैन के निवास पर नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने सभी को खैरागढ़ स्थित मनोहर गौशाला एवं विश्व की एकमात्र कामधेनु माता के दर्शन हेतु आमंत्रित किया। इस अवसर पर अग्र शिरोमणि संस्था सरायपाली द्वारा डॉ. अखिल जैन का  सम्मान भी किया गया।

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