ज्योति कॉम्पलेक्स की डेढ़ सौ दुकानों में गंदा पानी:एमपी नगर में देर रात तक सुधारी सीवेज लाइन

भोपाल, भोपाल के एमपी नगर स्थित ज्योति टॉकीज चौराहे के पास धंसी सड़क को सुधारने का काम शुरू हो गया है। पहले दिन बुधवार को ठेकेदार ने नाले का पानी बंद कर दिया, जिससे ज्योति कॉम्पलेक्स की करीब डेढ़ सौ दुकानों में गंदा पानी भर गया।

व्यापारियों ने इसका विरोध किया। इसके बाद देर रात तक सुधार चला। आज, गुरुवार को ऐसे हालात न बने, इसलिए नगर निगम की टीम नजर रखेगी। वहीं, पुलिस ने भी ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया है।

बता दें कि सीवेज की पाइप लाइन जब लीकेज हुई, तब पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही मिनटों में बेसमेंट और दुकानों में पानी भर गया। ज्योति कॉम्प्लेक्स में करीब 150 दुकानें हैं। इनमें कई मोबाइल शॉप व अन्य दुकानें बेसमेंट में हैं। बदबू और पानी की तेजी के कारण दुकानदारों को अंदर खड़ा रहना मुश्किल हो गया था।

दुकानों में पानी भरता देख भड़के व्यापारियों ने बाहर निकलकर ज्योति टॉकीज से बोर्ड ऑफिस जाने वाले एकमात्र रास्ते को बंद कर दिया। सड़क के काम के लिए पहले से ही बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकीज आने वाला मार्ग बंद है।

इससे चेतक ब्रिज और एमपी नगर जोन-1 व जोन-2 से आने वाले वाहन चालक प्रभावित हुए। रास्ते बंद होने के कारण चेतक ब्रिज से बोर्ड ऑफिस तक आने वाले लोगों को करीब दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ा और लंबी-लंबी वाहनों की कतारें लग गईं।

नाले का पानी बंद करने से ओवरफ्लो हुआ चेंबर 

जानकारी के अनुसार, बेसमेंट में पानी निकासी के लिए चेंबर बनाए गए हैं। इनमें से सीवेज लाइन भी गुजरती है। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नाले का पानी बंद किया, जिससे सीवेज लाइन टूटी और पानी चेंबर से ओवरफ्लो होकर बेसमेंट में भर गया। नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी को टैंकर के माध्यम से बाहर निकाला।

पिछले साल बारिश में धंसी थी सड़क 

पिछले साल तेज बारिश के बीच भोपाल के सबसे व्यस्त इलाके एमपी नगर में सड़क धंस गई थी। यहां मेन रोड पर करीब 8 फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा गड्‌ढा हो गया था। ये गड्‌ढा इतना गहरा था कि इसमें कोई कार भी समा जाए। बाद में मरम्मत तो करा दी गई, लेकिन पीडब्ल्यूडी ने पूरे हिस्से को बेहतर ढंग से बनाने का निर्णय लिया। दो-तीन बार टेंडर लगाने के बाद काम शुरू हुआ।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *