वाराणसी जेल में अफसरों के विवाद से खुली पोल, गांजा-बीड़ी और उगाही के आरोप

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिला जेल के जेल अधीक्षक और डिप्टी जेलर के बीच का विवाद नए-नए खुलासे कर रहा है. डिप्टी जेलर ने जेल अधीक्षक पर जेल में बंद बंदियों से लाखों की उगाही करने का आरोप लगाया है. वाराणसी जिला जेल से नैनी जेल ट्रांसफर की गईं मीना कनौजिया ने ये खुलासा किया.

मीना कनौजिया ने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक उमेश सिंह बंदियों पर पहले दबाव बनाते हैं और जब वो टूट जाते हैं, तब इनको पैसा पहुंचाते हैं. वाराणसी जिला जेल में कौन सा ग़लत काम नहीं होता. गांजा, भांग, बीड़ी, सिगरेट और पान मसाला सब उपलब्ध हैं. बंदी मेरे सामने गिड़गिड़ाते थे और मुझे इसको लेकर बेहद कष्ट होता था. यही कारण है कि मैंने इन ग़लत हरकतों का विरोध करने का फ़ैसला किया.

डिप्टी जेलर ने जेल अधीक्षक पर लगाए आरोप

मीना कनौजिया के मुताबिक, जब उन्होंने इन गलत कामों का विरोध करना शुरू किया, वहीं से उमेश सिंह के निशाने पर आईं. मुझे घर बुलाने लगे. अकेले में कमेंट करने लगे. यहां तक कि मुझे सार्वजनिक रूप से भी प्रताड़ित करने लगे. मैं अकेले इनकी प्रताड़ना का शिकार हुई हूं. ऐसा भी नही है. मुझसे पहले भी एक डिप्टी जेलर रतन प्रिया के साथ भी इन्होंने ऐसा ही किया था.

मीना कनौजिया का आरोप है कि रतन प्रिया के मामले में उमेश सिंह ने मुझपर दबाव डाला और मैंने जांच समिति के सामने दबाव में आकर उमेश सिंह के पक्ष में बयान दिया. मुझे इस बात का आज तक अफ़सोस होता है. मेरे मामले में भी उमेश सिंह यही कर रहे हैं. इसलिए इनको जबतक सस्पेंड नहीं किया जाता, इंसाफ नही हो सकता.

‘वाराणसी जिला जेल में षड्यंत्र शुरू हो गया है’

मीना कनौजिया कहती हैं कि मेरी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जबतक कि उमेश सिंह को सस्पेंड कर बनारस से हटा नहीं दिया जाता. मेरे ख़िलाफ वाराणसी जिला जेल में षड्यंत्र शुरू हो गया है. बंदियों से कहलवाया जा रहा है कि मीना कनौजिया पैसे लेती थी. ऐसे में उमेश सिंह जेल अधीक्षक रहते न्याय की कल्पना भी नही कर सकती.इसको हटाया जाना इसलिए भी जरूरी है क्यूंकि उमेश सिंह साथी महिला अधिकारियों के लिए खतरा है. सीएम योगी तक मेरी पीड़ा पहुंची है और मुझे उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *