महाशिवरात्रि पर शिव को बेलपत्र चढ़ाने में न करें कोई गलती

हिंदू धर्म में वैसे तो कई सारे पर्व त्योहार मनाए जाते है और सभी का अपना महत्व होता है लेकिन महाशिवरात्रि का पर्व इन सभी में महत्वपूर्ण माना जाता है इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार 18 फरवरी को देशभर में मनाया जाएगा।

पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत पूजन किया जाता है इसी पवित्र दिन पर शिव पार्वती का शुभ विवाह हुआ था।

ऐसे में इस दिन शिव शंकर संग माता पार्वती की पूजा करना उत्तम मानी जाती है। मान्यता है कि बिना बेलपत्र के शिव पूजा अधूरी होती है ऐसे में इस दिन भोलेनाथ को बेलपत्र जरूर अर्पित करें लेकिन बेलपत्र चढ़ाते वक्त कुछ गलतियों को करने से बचना होगा। वरना भोलेबाबा नाराज़ हो सकते है, तो आज हम आपको बता रहे है कि बेलपत्र अर्पित करते वक्त किन गलतियों को नहीं करना चाहिए।

शिव को बेलपत्र अर्पित करने से जुड़े नियम-
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव को महाशिवरात्रि या फिर अन्य दिनों पर अगर आप बेलपत्र अर्पित कर रहे है तो हमेशा याद रखें की शिव को तीन मुखी बेलपत्र ही चढ़ाएं और इस बात का भी ध्यान रखें कि बेलपत्र में किसी भी तरह का कोई दाग न हो और नहीं इसके पत्ते कटे भटे हो। शिवलिंग पर भूलकर भी मुरझाया हुआ बेलपत्र नहीं अर्पित करना चाहिए।

ऐसा करने से शिव नाराज़ हो सकते है। जब भी आप शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के लिए लाए तो उसे सबसे पहले पानी से धोकर साफ कर लें इसके बाद ही शिवलिंग पर अर्पित करें। ऐसा कहा जाता है कि भगवान को कभी भी झूठा या बासी बेलपत्र नहीं अर्पित करना चाहिए। इन सभी नियमों को ध्यान में रखते हुए अगर शिव पर बेलपत्र अर्पित किया जाए तो साधक को लाभ की प्राप्ति होती है।
 

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