डीकेएस अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की आहार नली से बिना ऑपरेशन सिक्का निकाला

डीकेएस अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की आहार नली से बिना ऑपरेशन सिक्का निकाला है। दरअसल, आठ साल के बच्चे ने खेल-खेल में ही गलती से दो का सिक्का निगल लिया। इसके बाद बच्चे के सीने में तेज दर्द होने लगा। चूंकि सिक्का आहार नली में फंसा रहा, जिसकी वजह से उसे खाने-पीने से लेकर पानी तक निगलने में परेशानियां होने लगीं। ऐसे में स्वजन उसे आनन-फानन में उसे डीकेएस अस्पताल ले गए। वहां, डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन के ही एंडोस्कोपी के माध्यम से सिक्के को दो घंटे के भीतर ही बाहर निकाल लिया।

पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. जीवन पटेल ने  अस्पताल पहुंचते ही बच्चे का एक्स-रे कर सिक्के की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद एंडोस्कोपी और सहायक उपकरणों की सहायता से बिना किसी चीर-फाड़ के ही सिक्के को बाहर निकाला गया।

24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा, फिर किया डिस्चार्ज
इसके तुरंत बाद दोबारा से उसकी एंडोस्कोपी की गई और देखा गया कि जहां सिक्का था, उस हिस्से में किसी प्रकार की क्षति तो नहीं पहुंची है। इसके बाद बच्चे को 24 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया और खाने-पीने में समस्या नहीं आने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।  डॉ. पटेल के साथ ऐनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कुमार नेटी और डॉ. विवेक श्रीवास्तव का प्रमुख रूप से योगदान रहा।

डीकेएस में बच्चों की एंडोस्कोपी सुविधा
अस्पताल अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा ने बताया कि डीकेएस में बच्चों की एंडोस्कोपी की पूरी सुविधा है। पूर्व में भी सिक्के, टी-पिन, बटन बैटरी जैसी वस्तुएं निकाल ली गई हैं। बच्चों में खून की उल्टी का उपचार भी एंडोस्कोपी द्वारा किया जाता है।

इस तरह करें बचाव

  • .बच्चों को सिक्के, बटन, बैटरी, छोटे खिलौने जैसी चीजों से दूर रखें।
  • .अगर कोई बच्चा कोई वस्तु निगल ले, तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
  • .निलगने के तुरंत बाद जबरदस्ती उल्टी कराने की कोशिश न करें।
  • .जल्द से जल्द एक्स-रे और एंडोस्कोपी से स्थिति की पुष्टि कराएं।
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