डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, कहा- रूस को फिर से G-7 में शामिल किया जाना चाहिए

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह रूस को जी-7 देशों के समूह में वापस देखना पसंद करेंगे। उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि रूस को निष्कासित करना एक गलती थी। रूस औद्योगिक देशों के जी-7 समूह का सदस्य था। इसे तब जी-8 के रूप में जाना जाता था।

2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस द्वारा कब्जा कर लेने के बाद उसे संगठन से बाहर कर दिया गया। ट्रंप ने यह भी कहा कि यूक्रेन युद्ध को लेकर जो भी बातचीत होगी, उसमें कीव को भी शामिल किया जाएगा।

ट्रंप बोले- मुझे रूस को वापस लेना अच्छा लगेगा
ट्रंप ने कहा कि मुझे रूस को वापस लेना अच्छा लगेगा, मुझे लगता है कि उन्हें बाहर फेंकना एक गलती थी। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा को दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं द्वारा रूस को सोवियत संघ के पतन के बाद जी7 के समूह सात में शामिल होने से बाहर करने के सामूहिक निर्णय के लिए दोषी ठहराया, जब रूस को वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ और अधिक मजबूती से एकीकृत करने के प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था।

ट्रंप ने फोड़ा नया टैरिफ बम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैक्स (पारस्परिक कर) लगाने का एलान कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने चुनावी वादे के मुताबिक यह टैक्स लगाया है, जिसके तहत अमेरिका अब उन सभी देशों से होने वाले आयात पर उतना ही टैक्स लगाएगा, जितना ये देश अमेरिकी उत्पादों या सेवाओं पर लगाते हैं।

अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा टैक्स लगाने वाले देशों में भारत भी
वैसे राष्ट्रपति ट्रंप का यह फैसला किसी खास देश को लेकर नहीं है, लेकिन इसका असर मेक्सिको, चीन के साथ भारत पर भी पड़ने की बात कही जा रही है। वजह यह है कि अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा टैक्स लगाने वाले देशों में भारत भी है। राष्ट्रपति ट्रंप स्वयं कई बार यह कह चुके हैं कि भारत सबसे ज्यादा टैक्स लगाने वाले देशों में है। अब देखना होगा कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात में इस मुद्दे पर कितनी बात होती है।

ट्रंप ने एलान किया-जो जैसा टैरिफ लगाएगा, वैसा हम भी लगाएंगे
नई नीति से संबंधित कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद ट्रंप ने एलान किया-जो जैसा टैरिफ लगाएगा, वैसा हम भी लगाएंगे। ना उससे ज्यादा और ना उससे कम। हम हर देश के टैरिफ के मुताबिक फैसला करेंगे। अधिकांश मामले में हमने देखा है कि वह हमारे उत्पादों पर ज्यादा टैक्स लगाते हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *