डॉ. चरणदास महंत ने भारत माला परियोजना में 43 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से सीबीआई जांच की मांग

रायपुर: नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भारत माला परियोजना में 43 करोड़ से अधिक के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था और पूरे मामले की CBI जांच की मांग की थी। इस मामले में राज्य कैबिनेट ने ईओडब्ल्यू से जांच कराने का फैसला लिया है। इससे नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत संतुष्ट नहीं है। उन्होंने मामले की CBI जांच के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत ने अपने पत्र में विधानसभा की कार्यवाही का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि राजस्व मंत्री के लिखित उत्तर में यह स्वीकार किया गया है कि जांच रिपोर्ट के अनुसार फर्जी नामांतरण प्रकरण तैयार कर मुआवजा स्वीकृत किए जाने से शासन को आर्थिक क्षति होना प्रतिवेदित किया गया हैं। जांच प्रतिवेदन के अनुसार वास्तविक मुआवजा 7 करोड़ 65 लाख होता है, परंतु मुआवजा राशि का निर्धारण और भुगतान 49 करोड़ 39 लाख रुपए किया गया है।

ऐसे हुई गड़बड़ी
नेता प्रतिपक्ष ने पत्र में बताया कि जांच प्रतिवेदन के निष्कर्षों के अनुसार भूमि के अर्जन की वैधानिक अधिसूचना के प्रकाशन के बाद पूर्व की तिथियों में क्रय-विक्रय, पंजीयन, नामांतरण की विधि विरूद्ध कार्रवाई की गई। इसके कारण भूमि के खातों का विभाजन हुआ फलस्वरूप बहुत अधिक दर से मुआवजा निर्धारण हुआ।

100 से अधिक लोक सेवल व भूमि स्वामी संलिप्त
नेता प्रतिपक्ष कहना है कि भ्रष्टाचार के इस प्रकरण में अधिक भुगतान की गई 43.18 करोड़ की राशि की ब्याज सहित वसूली भी की जानी है। इसके लिए अब तक कोई भी कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई है। इस आपराधिक षड़यंत्र में 100 से अधिक लोक सेवक तथा भूमि स्वामी संलिप्त हैं।

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