भोपाल के बड़ा तालाब पर अतिक्रमण:सर्वे टीम पहुंची तो 11 अतिक्रमण मिले, एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में
भोपाल, भोपाल के बड़ा तालाब पर अतिक्रमण किया गया है। अब अतिक्रमणकारियों पर प्रशासन ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्राइबल) की फटकार से अफसर हरकत में आए और सर्वे शुरू किया।
सेवनिया गौंड में मिले 11 अतिक्रमण मंगलवार को टीम सेवनिया गौंड इलाके में पहुंची। यहां पर डेढ़ किमी के दायरे में 11 लोगों के अतिक्रमण सामने आए। इसमें फेंसिंग, बाउंड्रीवॉल, स्वीमिंग पूल, टीन शेड बना चुके थे, जो एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में ही हैं।
कई रसूखदारों के फॉर्म हाउस भी भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फॉर्म हाउस, रिसोर्ट भी देखने को मिले। बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। मंगलवार को टीम जिस इलाके में सीमांकन करने पहुंची, वहां पर भास्कर टीम ने भी दौरा किया। सूरजनगर, सेवनिया गौंड में तो जिस जगह पर रामसर साइट है और नगर निगम की मुनार लगी है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारें लगी हुई मिली। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉरपोर्रेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। इसलिए सीमांकन शुरू किया करीब पांच महीने पहले बड़ा तालाब के अतिक्रमण पर एनजीटी सख्त हुआ था। तब कार्रवाई की सिर्फ रस्म अदा की गई थी। फरवरी में सांसद आलोक शर्मा ने जिम्मेदारों की बैठक लेकर फटकार लगा दी। इसके बाद फिर से सर्वे शुरू किया गया। बड़ा तालाब में अतिक्रमण को लेकर एनजीटी में एक याचिका पर्यावरणविद् राशिद नूर ने लगाई थी।
