आज भी प्रदेश के कई इलाकों में होगी गरज चमक के साथ बारिश….

छत्तीसगढ़ में बीते 5 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। आज भी राजधानी रायपुर में बादल छाए हुए हैं। राज्य के कई जिलों में गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की आसार हैं। कई जगहों पर हल्की मध्यम बारिश तो कई स्थानों में भारी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में बीते 5 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश में एक जून से लेकर तीन अगस्त तक 591.7 मिमी बारिश हुई है। 6 अगस्त को भी कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कम बारिश हो सकती है। वहीं अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी शुरू होगी। बीते दिनों शुक्रवार को सुबह से ही बदल छाए हुए थे। वहीं हल्की मध्यम बारिश पूरे दिनभर होती रही। आज भी मौसम वैसा ही बना हुआ है। लगातार बारिश से तापमान में भी कमी आई है। इससे ठंडक महसूस की जा रही है। वहीं प्रदेश के नदी-नाले उफान पर हैं। शहर के हिस्सों में जलभराव है। कई जगहों की सड़कें भी डूब गई हैं। 

गली-मोहल्ले में भी भरा पानी 

राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई निचले भागों में जलभराव ज्यादा है। ऐसे रूट में आवागमन के लिए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी-नाले में जलभराव से राहगीरों को परेशान हो रही है। बीते दिनों की बारिश से शहर के मुख्यमार्गों के साथ ही गली-मुहल्लों में भी जलभराव है।  

बारिश के आंकड़े सेमी में

बारिश के मुख्य आंकड़े सेंटीमीटर में घरघोड़ा में 11, पेंड्रा में 10, पेंड्रारोड में 7, जशपुरनगर, प्रेम नगर, मनेंद्रगढ़, शक्ति, में 5, मरवाही, रामानुजनगर, भानूप्रतापपुर, बैकुंठपुर, प्रतापपुर, भाटापारा, लोरमी में 4, बेरला, मस्तूरी, कोटा, दुर्ग, बलौदा, बिलासपुर, मानपुर, बेमेतरा, लैलूंगा, छुईखदान, अकलतरा, मोहल्ला, तखतपुर, राजनंदगांव, बगीचा, मुंगेली, बालोद, लखनपुर, बिलाईगढ़, कुनकुरी, कस्तूर और कोरबा में 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इसके साथ ही प्रदेश के कई स्थानों में इससे कम बारिश दर्ज की गई है। 

यहां बन रहा सिस्टम

एक कम दाम का क्षेत्र उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और इससे लगे दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है। मानसून द्रोणिका का मध्य समुद्र तल पर अमृतसर, करनाल, दिल्ली, हमीरपुर निम्न दाब का केंद्र रांची दीघा और उसके बाद दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। इससे प्रदेश में मानसून का सिस्टम बना हुआ है। 

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