फ़र्ज़ी प्रोफाइल बना मैट्रिमोनियल साइट पर महिला से ठगी का मामला, आरोपी ने अपने आप को बतया नेवी अधिकारी

इंदौर: एक महिला के साथ 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें आरोपी ने खुद को नेवी अधिकारी बताकर मित्रता की। ठग ने मेडिकल इमरजेंसी और रूस-यूक्रेन युद्ध में ट्रेनिंग का बहाना बनाकर पैसे की मांग की। महिला ने अंततः क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के अनुसार, पीड़िता ने एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था, जहां जितेंद्र कुमार नामक व्यक्ति ने ऑनलाइन चैटिंग के माध्यम से दोस्ती की और खुद को नेवी का अधिकारी बताया। उनकी बातचीत फरवरी 2024 से शुरू हुई।

दो महीने की दोस्ती के बाद ठग ने पैसे मांगना शुरू कर दिया। उसने अपने भाई के एक्सीडेंट और इमरजेंसी का हवाला देते हुए 1 लाख रुपये की मांग की, जिसे पीड़िता ने उसकी बातों में आकर भेज दिया। जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे, तो ठग ने बताया कि उसके भाई की मृत्यु हो चुकी है और उसके इलाज में 3 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

बताया साइलेंट अटैक, लिए 10 लाख

एक दिन ठग जितेंद्र ने अपने दोस्त के माध्यम से पीड़िता से संपर्क किया, जिसने उसे बताया कि जितेंद्र को साइलेंट अटैक हुआ है और उसके इलाज के लिए 10 लाख रुपये की तुरंत आवश्यकता है। पीड़िता ने उसकी बातों पर विश्वास करते हुए विभिन्न बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद, एक फर्जी नेवी अधिकारी ने दावा किया कि उसके पास करोड़ों की संपत्ति है, जिसे बेचकर वह पीड़िता का पूरा कर्ज चुका देगा।

ब्लड कैंसर के नाम पर 19 लाख की ठगी

कुछ समय बाद ठग जितेंद्र ने यह कहकर लोगों को धोखा देना शुरू किया कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रशिक्षण के लिए जा रहा है। इसके बाद, उसके एक मित्र ने फोन करके बताया कि जितेंद्र को ब्लड कैंसर हो गया है और इलाज के लिए पैसे की आवश्यकता है। इस पर पीड़िता ने 19 लाख रुपये भेज दिए। मेडिकल इमरजेंसी के बहाने उसने टुकड़ों में लगभग 30 लाख रुपये ठग लिए और फिर संपर्क तोड़ लिया।

मैट्रिमोनियल वेबसाइट का उपयोग करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:-

पहले, किसी अज्ञात मित्र पर जल्द विश्वास न करें और सावधानी बरतें। इसके अलावा, अपने सोशल मीडिया, बैंकिंग आईडी पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी को अज्ञात मित्रों के साथ साझा करने से बचें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति की विश्वसनीयता की पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही बातचीत को आगे बढ़ाना चाहिए। अंत में, अज्ञात मित्र से मिलने के लिए कभी भी अकेले या एकांत स्थान पर न जाएं।

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