मानसिक स्वास्थ्य के लिए “कभी-कभी ‘ना’ कहना ही सुकून पाने की शुरुआत होती है”

एमसीबी। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनेन्द्रगढ़ (टी संवर्ग) जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम तथा भावनात्मक प्रबंध पर पियर मेंटरशिप का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के अंतर्गत आज विकासखंड मनेन्द्रगढ़ में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर डी.राहुल वेंकट के निर्देशानुसार और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में डीईओ श्री आर पी मिरे के आदेश से समस्त विद्यालय के छात्र-छात्राएं सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, जिला नोडल अधिकारी (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम – NMHP) द्वारा किया गया, तथा इसमें श्री राजेश कुमार विश्वकर्मा, सहायक जिला नोडल अधिकारी (NMHP) का विशेष सहयोग रहा। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य एल्मा ज्योति बेक एवं शिक्षक पारस का भी सहयोग मिला। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना तथा किशोरावस्था में उत्पन्न मानसिक एवं भावनात्मक चुनौतियों को समझने हेतु प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण, तथा भावनात्मक संतुलन बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ नम्रता चक्रवर्ती ने बताया कि कभी कभी न बोलना और बीती बातों को जाने देना भी मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए ज़रूरी होता है। जिला स्वास्थ्य की टीम ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विभिन्न विकासखंडों में आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यालय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *