GQG ने अडानी ग्रुप में बढ़ाई हिस्सेदारी, LIC ने भी दिखाया भरोसा लेकिन विदेशी निवेशकों घटाया स्टेक

नई दिल्ली: अमेरिका की शॉर्ट सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी 2023 में अडानी ग्रुप के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की थी। इसमें ग्रुप पर कई तरह के आरोप लगाए गए थे। अडानी ग्रुप ने इन आरोपों से इन्कार किया था लेकिन इससे उसके शेयरों में भारी गिरावट आई थी। तब एनआरआई राजीव जैन की कंपनी जीक्यूजी पार्टनर्स में अडानी ग्रुप में निवेश किया था। इस कंपनी ने जून-सितंबर तिमाही के दौरान अडानी ग्रुप की चार मुख्य कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

GQG ने अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी ACC लिमिटेड में अपनी हिस्सेदारी 4.57% से बढ़ाकर 4.70% कर ली। इसी तरह उसने अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज में अपना स्टेक 4.16% से बढ़ाकर 4.21% कर दिया है। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में यह 3.40% से बढ़कर 3.52% हो गई और अंबुजा सीमेंट में GQG की हिस्सेदारी 1.35% से तेजी से बढ़कर 2.05% हो गई।

विदेशी निवेशकों ने घटाई हिस्सेदारी

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ने अडानी ग्रुप ने अपना निवेश बनाए रखा है। ACC में उसकी हिस्सेदारी सितंबर तिमाही में 9.95% पहुंच गई जो जून में 9.11% थी। अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में उसकी हिस्सेदारी 3.42% की हिस्सेदारी स्थिर रखी। इसी तरह अडानी एंटरप्राइजेज में यह 4.16% और अडानी ग्रीन एनर्जी में 1.30% पर बनी रही। केवल अडानी पोर्ट्स में LIC की हिस्सेदारी 8.14% से घटकर 7.73% रह गई।

हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सितंबर तिमाही में अडानी ग्रुप में अपनी हिस्सेदारी में कटौती की है। अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी ACC में FIIs की हिस्सेदारी 5.05% से घटकर 4.66% रह गई। इसी तरह अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में FIIs ने अपनी 15.85% से घटाकर 13.06% कर दी है। अडानी एंटरप्राइजेज में उनकी हिस्सेदारी स्थिर रही। अडानी पोर्ट्स, अडानी पावर और अडानी टोटल गैस में भी उनकी हिस्सेदारी में गिरावट आई है।
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