असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार, फसल भूमि को हुआ भारी नुकसान

असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन अभी भी 15 जिलों के करीब 2.72 लाख लोग प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बजाली, बक्सा, बारपेटा, दरांग, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, लखीमपुर, नागांव, नलबाड़ी और तामुलपुर जिलों में 37 राजस्व मंडलों के अंतर्गत 874 गांव वर्तमान में पानी के नीचे समाए हुए है।

अकेले बारपेटा जिले में 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि बजाली में 60707, लखीमपुर में 22060 और नलबाड़ी जिले में 10351 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में 5936.63 हेक्टेयर फसल भूमि बाढ़ के चपेट में आ गई।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने 61 राहत शिविर और 104 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं और 43064 लोग अभी भी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। पिछले 24 घंटों में, बाढ़ के पानी ने नलबाड़ी जिले में 222 जानवरों को बहा दिया। वहीं, नलबाड़ी और तामुलपुर जिलों में 1290 घर क्षतिग्रस्त हो गए। तटबंधों, सड़कों, पुलों, कई आंगनवाड़ी केंद्रों, कृषि बांध और पुलियों को भी बाढ़ ने क्षतिग्रस्त कर दिया है।

राज्य में समग्र बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है, लेकिन बारपेटा जिले में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। निचले असम जिले के 167 गांवों के लगभग 1.70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बारपेटा जिले में, सार्थेबारी राजस्व सर्कल में 1.20 लाख लोग, बारपेटा राजस्व सर्कल में 44394, चेंगा राजस्व सर्कल में 3255 और बाघबार राजस्व सर्कल में 1743 लोग प्रभावित हुए हैं।

बारपेटा जिले में 382.75 हेक्टेयर फसल भूमि अभी भी बाढ़ के पानी में डूबी हुई है। जिला प्रशासन ने 59 राहत शिविर और 53 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। जिले में लगभग 1.05 लाख घरेलू जानवर भी प्रभावित हुए हैं।

जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 1477.77 क्विंटल चावल, 248.27 क्विंटल दाल, 74.09 क्विंटल नमक और 7478.88 लीटर सरसों तेल वितरित किया है। साथ ही 1646.20 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा कर्मी बचाव कार्य में लगे हुए हैं।

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