ग्राम पंचायत गतवाड़ ने नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए विशेष अभियान की शुरुआत की

प्रधान नवल बजाज: चिट्टा सहित अन्य नशे के सेवन और कारोबार में अगर कोई युवा संलिप्त पाया गया तो उसके परिवार को पंचायत की सुविधाओं से वंचित किया जाएगा। भराड़ी उपतहसील की ग्राम पंचायत गतवाड़ ने बैठक में यह प्रस्ताव लाने का फैसला लिया है। पंचायत ने नशे के बढ़ते प्रकोप और उसके दुष्प्रभावों से युवाओं को बचाने के लिए जागरुकता अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया है। प्रधान नवल बजाज, उपप्रधान अजय शर्मा ने विशेष बैठक के दौरान इस अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की। जिले की कुछ और पंचायतों ने भी नशे को रोकने के लिए इस तरह के निर्णय लिए हैं।

प्रधान नवल बजाज का बयान: नशा युवाओं को बर्बादी की ओर ले जा रहा है
अब इस पंचायत के आगे आने से इस अभियान में सामाजिक भागीदारी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। प्रधान नवल बजाज ने कहा कि नशा युवाओं को बर्बादी की ओर ले जा रहा है। माता-पिता बच्चों को बेहतर शिक्षा और जीवन स्तर देने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन युवाओं का नशे की गर्त में जाना समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सबसे पहले अभिभावकों को सतर्क होना पड़ेगा। अजय शर्मा ने बताया कि पंचायत ने सख्त निर्णय लिया है कि यदि कोई युवक या युवती नशे के सेवन या कारोबार में शामिल पाया जाता है तो उसके परिवार को सुविधाओं से वंचित किया जाएगा।

नशा छोड़ने वालों को मुफ्त काउंसलिंग और दवा देंगे 
 अखिल भारतीय चिकित्सक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष और युवा समाजसेवी डॉ. ऋतिक शर्मा ने चिट्टे का सेवन करने वालों के लिए मुफ्त इलाज और काउंसलिंग की घोषणा की है। डॉ. शर्मा ने बताया कि यह पहल बिलासपुर से शुरू होगी और धीरे-धीरे प्रदेशभर में इसका विस्तार किया जाएगा। पंचकूला स्थित उनके मुख्य क्लीनिक के साथ भराड़ी के पास मंझोटी गांव से भी इस सेवा का संचालन किया जाएगा। उनका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर कर समाज को स्वस्थ और मजबूत बनाना है।

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