ग्रीस भारत से खरीद सकता है स्‍वदेशी क्रूज मिसाइल, टेंशन में आया तुर्की, खलीफा एर्दोगन के पाकिस्तान प्रेम की सजा?

अंकारा/एथेंस: तुर्की की मीडिया ने उन खबरों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि ग्रीस भारत के साथ अपना रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है। ग्रीस की मीडिया में दावा किया गया है कि देश भारत की लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों में गहरी दिलचस्पी दिखा रहा है। ग्रीक टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नई दिल्ली, एथेंस को लंबी दूरी तक मार करने वाली एडवांस्ड क्षमताएं दे सकती है। इन रिपोर्ट्स पर तुर्की की मीडिया ने गहरी चिंता जताई है क्योंकि इससे भूमध्य सागर में तुर्की का वर्चस्व टूट सकता है।

तुर्की की रिपोर्टों के मुताबिक ग्रीस भारत के साथ सैन्य संबंध मजबूत करना चाहता है। यह तुर्की के तेजी से बढ़ते घरेलू रक्षा उद्योग और मिसाइल भंडार का मुकाबला करने की ग्रीस की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। ग्रीस के रक्षा हलकों में हाल के विश्लेषणों में भारत की लंबी दूरी की जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइल (LR-LACM) की क्षमता पर जोर दिया गया है। इन विश्लेषणों का तर्क है कि ऐसा सिस्टम एजियन और पूर्वी भूमध्य सागर में ग्रीस की रणनीतिक प्रतिरोध क्षमताओं को काफी बढ़ा सकता है।

तुर्की को जैसे का तैसा जवाब दे रहा भारत!

ग्रीस टाइम्स के मुताबिक तुर्की के डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले एक साल में एथेंस और नई दिल्ली के बीच बातचीत काफी तेज हो गई है। खबरों के मुताबिक उच्च-स्तरीय सैन्य मुलाकातों के दौरान भारतीय अधिकारियों ने अनौपचारिक रूप से ग्रीस के सामने इस मिसाइल सिस्टम का प्रस्ताव रखा था। खबरों में यह भी कहा गया है कि एथेंस भारत को आधुनिक हथियारों के एक संभावित वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के तौर पर देख रहा है जिससे पारंपरिक पश्चिमी रक्षा सहयोगियों पर निर्भरता कम हो सकेगी।

भारत की मिसाइल क्षमता का अब दुनिया लोहा मान चुकी है। ब्रह्मोस मिसाइल ने कैसे तुर्की के दोस्त पाकिस्तान के 11 एयरबेस को तबाह कर दिया था वो तस्वीरें पूरी दुनिया देख चुकी है। इसीलिए तुर्की की मीडिया में चर्चा चल रही है कि ग्रीस को मिसाइल देने की कोशिश का मतलब पाकिस्तान और तुर्की की ‘दोस्ती’ का बदला है।

तुर्की के रणनीतिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को तबाह करने की क्षमता

ग्रीस टाइम्स ने तुर्की को चेतावनी देते हुए लिखा है कि भारतीय LR-LACM को 1000 से 1500 किलोमीटर की दूरी तक के लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। अगर ग्रीस इसे तैनात करता है तो तुर्की का ज्यादातर रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर इसकी पहुंच में आ जाएगा। तुर्की मीडिया ने इस बात पर चिंता जताई है कि ऐसी क्षमता से संघर्ष की स्थिति में ग्रीक सशस्त्र बल एजियन क्षेत्र से काफी दूर स्थित एयर बेस, रडार इंस्टॉलेशन, कमांड सेंटर और अन्य सैन्य संपत्तियों को निशाना बना सकेंगे। इस संभावना ने तुर्की में बहस छेड़ दी है कि ग्रीस की भारतीय लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलें हासिल करने से दोनों NATO सहयोगियों के बीच रणनीतिक संतुलन बदल सकता है।

LR-LACM क्या है?

LR-LACM को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने देश की स्वदेशी मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने के प्रयासों के तहत विकसित किया जा रहा है। ये एक महाविनाशक मिसाइल होने वाली है। यह मिसाइल ‘निर्भय’ और ‘स्वदेशी टेक्नोलॉजी क्रूज मिसाइल’ (ITCM) कार्यक्रमों के जरिए विकसित तकनीकों पर आधारित है। इसमें स्वदेशी ‘माणिक’ टर्बोफैन इंजन का इस्तेमाल किया गया है और ब्रह्मोस मिसाइल की ही तरह ये एक क्रूज मिसाइल है जो धरती से काफी कम ऊंचाई पर उड़ सकती है जिससे दुनिया के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन की तरह होगा। हालांकि आधिकारिक तौर पर न तो ग्रीस और न ही भारत ने मिसाइल सिस्टम की खरीद को लेकर किसी बातचीत की आधिकारिक पुष्टि की है।

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