‘गुलशन ग्रोवर घटिया आदमी… जी करता, गला काट दूं’, टीवी एक्‍टर सानंद वर्मा ने दिग्‍गज एक्‍टर पर खूब लगाया लांछन

‘भाभी जी घर पर हैं’ के सक्सेना जी यानी एक्टर सानंद वर्मा शो में थप्पड़ खाने के लिए जाने जाते हैं। हालांकि, हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि उनकी वेब सीरीज ‘फर्स्ट कॉपी’ की शूटिंग के दौरान, अनुभवी एक्टर गुलशन ग्रोवर ने उन्हें असल में थप्पड़ मारा था, वो भी बिना उनकी इजाजत लिए या उनसे बात किए। सानंद ने यह भी बताया कि उन्हें बहुत गुस्सा आया, लेकिन उन्होंने किसी से कुछ नहीं कहा और सीन करते रहे।

सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने अपने इरादे से थप्पड़ मारने के बारे में खुलकर बात की और कहा, ‘गुलशन ग्रोवर ने मुझे फर्स्ट कॉपी में सच में जोर से थप्पड़ मारा था। अंदर से मुझे उस आदमी का गला काटने का मन कर रहा था, लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा। मैंने आज तक कुछ नहीं कहा, मैं यहां पहली बार यह बता रहा हूं। उसने जानबूझकर ऐसा किया था, वह एक्टिंग नहीं थी।’

सानंद वर्मा ने गुलशन ग्रोवर को कहा भला-बुरा

एक्टर ने आगे कहा, ‘यह एक्टिंग वाला थप्पड़ नहीं था। और आपने मुझे बताया भी नहीं कि आप मुझे थप्पड़ मारने वाले हैं। कम से कम अगर आपने पहले बताया होता, तो मैं असली थप्पड़ खाने के लिए तैयार रहता। मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ, मैं सीन में था, अपने किरदार में था। मैंने सीन पूरा किया और चला गया, किसी से कुछ नहीं कहा।’

थप्पड़ मारने से पहले बताना जरूरी

जब होस्ट ने पूछा कि क्या असली थप्पड़ मारने से पहले डिस्क्लेमर देना जरूरी है, तो सानंद ने जवाब दिया, ‘पहले ये बताना जरूरी है। लेकिन उसने ऐसा नहीं कहा और मुझे जोर से थप्पड़ मार दिया। ये गलत है। मुझे बहुत गुस्सा आ रहा था, लेकिन मैंने कुछ नहीं कहा क्योंकि मैं निगेटिविटी से दूर रहना चाहता था। मेरा मन कर रहा था कि कुर्सी उठाकर उसे पीट दूं। फिर भी मैं मुस्कुराता रहा। एक एक्टर के तौर पर मुझे हजारों बार थप्पड़ पड़े हैं। मुझे नहीं लगता कि किसी और एक्टर को मुझसे ज़्यादा थप्पड़ पड़े होंगे। मैं थप्पड़ खाने के लिए जाना जाता हूं। ‘भाभी जी घर पर हैं’ में मुझे कई बार थप्पड़ पड़े हैं, लेकिन इसका एक खास तरीका होता है। असल में मारा नहीं जाता।’

रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी’ में क्या हुआ

उन्होंने यह भी याद किया कि रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी’ की शूटिंग के दौरान, उन्हें एक सीन में थप्पड़ खाना था, लेकिन निर्देशक इसे स्क्रीन पर दिखाए जाने के तरीके से नाखुश थे। उन्होंने अपने को-एक्टर से सच में थप्पड़ मारने को कहा। उन्होंने कहा, ‘मेरे को-एक्टर दिग्विजय मेरे पास आए और पूछा कि क्या वह मुझे थप्पड़ मार सकते हैं क्योंकि निर्देशक ने साफ कह दिया था। मैं भी मान गया। एक प्रक्रिया होती है जिसका पालन करना होता है।’

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