कानपुर किडनी कांड वाले आयुष की कहानी सुना आपने, प्यार के चक्कर में बेची बिहार की 18 बीघा जमीन
बेगूसराय: आर्थिक तंगी और कॉलेज की फीस चुकाने के लिए अपनी किडनी का सौदा करने वाले आयुष का अतीत कुछ और ही है। आयुष चौधरी बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के औगान गांव का रहने वाला है। उसकी हरकतों की वजह से उसकी पत्नी उसे छोड़ चुकी है। पिता ने नौ साल पहले खुदकुशी कर ली। परिवार ने भी एक तरह से उससे संबंध विच्छेद कर लिया है। बेगूसराय जिले में इन दिनों आयुष के किडनी निकालने की कहानी सोशल मीडिया से लोगों के सामने आई।
प्यार के चक्कर में बर्बाद हुआ आयुष
आयुष ने साल 2015 में प्रथम श्रेणी से इंटर पास किया था। पिता राजेश चौधरी का सपना था कि उनका बेटा डॉक्टर बने। उसके बाद आयुष का नामांकन विशाखापट्टनम के एक इंस्टीट्यूट में करवाया गया। पिता को पूरी उम्मीद थी कि बेटा नीट पास कर लेगा। पर ऐसा नहीं हुआ। वहां उसे जिले के मटिहानी क्षेत्र की रहने वाली एक लड़की से प्यार हो गया।
2017 में आयुष के पिता की मौत हो गई
आयुष के पड़ोसी रमेश चौधरी ने मीडिया से कहा कि प्यार के चक्कर में वह भटक गया। हर माह वह गांव आता था। गलत संगत की वजह से उसकी प्रेमिका उसे छोड़ गयी। रमेश चौधरी कहते हैं कि आयुष की गलत संगत और नशे की लत से परेशान होकर साल 2017 में उसके पिता राजेश चौधरी ने मौत हो गई। आयुष की मां रीता देवी उसे समझाती थी, लेकिन वह अपनी मां की बातों को नजरअंदाज कर देता था।
- बेगूसराय का रहने वाला आयुष चौधरी नशे की गंभीर लत का शिकार था।
- साल 2017 में आयुष के पिता राजेश चौधरी की मौत हो गई।
- प्यार और नशे के चक्कर में पड़कर 18 बीघा पुश्तैनी जमीन बेच डाली।
- किडनी को मात्र 9 लाख रुपये में बेचने के लिए तैयार हो गया था।
- आयुष की किडनी निकालने की कहानी सोशल मीडिया से सामने आई।
18 बीघा पुश्तैनी जमीन को बेच डाला
पिता की मौत के दो-तीन महीने बाद आयुष ने जमीन बेचनी शुरू कर दी। उसने गांव की करीब 18 बीघा जमीन बेच दी। उसके चचेरे चाचा के अनुसार, पिता की मौत के कुछ दिनों बाद आयुष को सोशल मीडिया के जरिए यूपी की रहने वाली एक एयर होस्टेस से प्यार हुआ था। उसके पीछे भी उसने काफी खर्च किया। आयुष ने एयर होस्टेस से देवघर में शादी को थी। शादी के तीन महीने तक गांव में रहा। अब कानपुर में हुए किडनी रैकेट मामले में पीड़ित के तौर उसका नाम आया।
आयुष की हरकतों से पत्नी ने छोड़ दिया
इस दौरान आयुष ने फिर से जमीन बेचनी शुरू की। उसकी इस हरकतों से परेशान होकर पत्नी ने घर छोड़ दिया और कुछ दिनों बाद आयुष से संबंध भी तोड़ लिया। गांव के लोगों के मुताबिक, आयुष वर्ष 2021 में वापस गांव आया लेकिन उसके छोटे भाई ऋषभ ने उसे अपने साथ घर में रखने से मना कर दिया। उसके बाद घर से निकला तो फिर कभी वह बेगूसराय नहीं आया। मां रीता देवी अकेली रहती हैं। लेकिन, पिछले 15-20 दिनों से घर में नहीं हैं। घर में ताला लगा हुआ है।
कानपुर में हुआ था किडनी रैकेट का खुलासा
कानपुर में 30 मार्च को किडनी की खरीद-फरोख्त का मामला उजागर हुआ था। देहरादून के एक मैनेजमेंट कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा आयुष नौ लाख रुपये में अपनी किडनी बेचने को तैयार हुआ था। उसने पुलिस को बताया कि ऑपरेशन होने के बाद खाते में 3.50 लाख रुपये ही दिए। भगवानपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार ठाकुर ने बताया सोशल मीडिया के जरिए किडनी बेचने की जानकारी मिली है, लेकिन साइबर फ्रॉड का कोई भी मामला उनकी जानकारी में नहीं है। न ही किसी थाना की पुलिस के द्वारा सूचना दी गई है। न ही पुलिस कभी उसके घर पर जांच करने के लिए गई है।
