बड़े तालाब मामले मे सुनवाई:निगम का तर्क- 38 कब्जेदारों को नोटिस दिए, एनजीटी की फटकार- यह सिर्फ औपचारिकता

बड़े तालाब के चारों ओर अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर एनजीटी की भोपाल स्थित केंद्रीय क्षेत्र पीठ ने बुधवार को नगर निगम कमिश्नर- कलेक्टर को फटकार लगाई।

पीठ ने कहा कि बार-बार आदेशों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिससे पर्यावरणीय संतुलन पर असर पड़ा है। न्यायमूर्ति श्योकुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने यह आदेश पर्यावरण कार्यकर्ता राशिद नूर खान की याचिका पर दिया।

अधिवक्ता हर्षवर्धन तिवारी ने बताया कि झील के आसपास अतिक्रमण जारी हैं। निगम की वकील गुंजन चौकसे ने बताया कि 38 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने इसे अपर्याप्त माना और सिर्फ औपचारिकता बताया। एनजीटी ने कलेक्टर को याचिकाकर्ता के साथ संयुक्त निरीक्षण कर स्थिति का आकलन करने को कहा। निगम और कलेक्टर से एक माह में रिपोर्ट मांगी गई है। अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

वेटलैंड के 50 मीटर में बफर जोन मप्र सरकार की 16 मार्च 2022 की अधिसूचना के अनुसार भोज वेटलैंड का क्षेत्रफल 3946.33 हेक्टेयर (अपर लेक 3872.43, लोअर लेक 73.90 हेक्टेयर) है। इसके चारों ओर शहरी क्षेत्र में 50 मीटर, ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर और कोलांस नदी के पास 250 मीटर का बफर जोन तय है, जिसका पालन नहीं हो रहा।

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