प्री-लॉन्च ऑफर के नाम पर रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में पैसे लगा रहे हैं तो ठहरिए! कहीं आप भी ना फंस जाएं

हैदराबाद: रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की प्री-लॉन्चिंग ऑफर (Pre-launch Offer) के नाम पर भी खूब घपला-घोटाला हो रहा है। लोगों को प्री-लॉन्च ऑफर के नाम पर सस्ते में फ्लैट या मकान दिए जाने का वादा किया जाता है। निवेशक या खरीदार समय पर पैसे चुका देते हैं। कुछ साल बाद पता चलता है कि उनके साथ ठगी हो गई। ऐसा ही कुछ हैदरबाद में कुछ लोगों के साथ हुआ है। अब चिक्काडपल्ली के एक प्राइवेट सेक्टर एम्पलायी ने साइबरबाद ईओडब्ल्यू (EOW) के अधिकारियों से शिकायत की है।

क्या है मामला

यह मामला हैदराबाद के भानूर इलाके का है। वहां करीब 300 निवेशकों या खरीदारों को ‘भारती ग्रीन एम्पायर हाइट्स’ नामक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश करने के लिए लुभाया गया था। इस प्रोजेक्ट को भारती बिल्डर्स इंडिया ने प्रोमोट किया है। पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार कंपनी के चेयरमैन, डुपाटी नागरजू, मैनेजिंग डायरेक्टर, मुलपुरी शिव राम कृष्णा और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO), पोन्नारी ने साल 2021 के अंत से इस प्रोजेक्ट की मार्केटिंग शुरू की थी। उन्होंने आकर्षक प्री-लॉन्च स्कीम के तहत फ्लैट्स की पेशकश की थी। शिकायतकर्ता ने बताया, "सेल्स एजेंट जी लक्ष्मण राव, जो खुद को RERA-सर्टिफाइड बता रहा था, उसने भानूर में 6.35 एकड़ जमीन के कागजात दिखाए और हमें भरोसा दिलाया कि सरकारी मंजूरी और HMDA लेआउट परमिट की प्रक्रिया चल रही है।"

सस्ते ऑफर से लोग हुए प्रभावित

रियल एस्टेट कंपनी के इस सस्ते ऑफर से प्रभावित होकर, कुमार ने 1,150 वर्ग फुट का दो बेडरूम वाला फ्लैट बुक करा लिया। उन्होंने ऑफर में कोट की गई कीमत का आधा, यानी 11.5 लाख रुपये, चेक और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए भुगतान कर दिया। 28 अक्टूबर, 2021 को हुए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) में प्रोजेक्ट को 30 महीनों के अंदर पूरा करने का वादा किया गया था। जब प्रोजेक्ट खड़ा नहीं हुआ, तो कुमार ने अप्रैल 2023 में रिफंड मांगा, लेकिन उन्हें पैसे नहीं मिले।

बिल्डर ने खेल कर दिया

इसके बाद, कुछ खरीदारों को पता चला कि भानूर प्रोजेक्ट की जमीन का बड़ा हिस्सा बायर्स या प्लानिंग अथॉरिटीज की जानकारी के बिना दूसरी पार्टी को ट्रांसफर कर दिया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया, "बिल्डर से मिलने की कोशिशों पर कथित तौर पर धमकियां मिलीं, और कुछ ग्राहकों को जारी किए गए रिफंड चेक बाउंस हो गए।" कुमार ने अपनी शिकायत में 22 अन्य पीड़ितों का भी जिक्र किया है, जिन्होंने मिलकर बिल्डर को 5.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रामक ब्रोशर, दो साल में निवेश दोगुना करने का वादा करने वाले टेलीविजन विज्ञापन और मौखिक बाय-बैक गारंटी के जरिए आरोपियों ने निवेशकों के साथ धोखाधड़ी की गई है।

हो गया मामला दर्ज

इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारती बिल्डर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, डुपाटी नागरजू, मुलपुरी शिव राम कृष्णा, पोन्नारी और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(2) (आपराधिक विश्वासघात के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबकि वह पेमेंट रिसट समेत दस्तावेजी सबूतों का विश्लेषण कर रहे हैं और आगे सबूत इकट्ठा करने के बाद आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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