छवि चमकाने अपराध की अनदेखी:थानों में न सुनवाई और न ही कार्रवाई

रायपुर/भिलाई/ बिलासपुर, राज्य के पुलिस थानों में पीड़ितों की शिकायतों पर न सुनवाई हो रही है और न ही कार्रवाई। पुलिस अपना रिकॉर्ड सुधारने के लिए बड़ी से लेकर छोटी घटनाओं में भी केस दर्ज नहीं कर रही है। यही नहीं शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, जिससे पीड़ित लगातार थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

आंकड़ों के अनुसार एक थाने में रोज औसतन 10 से 12 शिकायतें आती हैं। इनमें सिर्फ 2-3 में ही केस दर्ज होता है। थानों में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित डीएसपी, एएसपी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक शिकायत कर रहे हैं।

इन दफ्तरों से शिकायत मार्क होकर फिर थाने पहुंचती है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रहती है। चोरी, प्रताड़ना, साइबर ठगी और जालसाजी जैसे मामलों में भी यही हाल है। कोई भी थानेदार या एसपी पिछले साल से ज्यादा एफआईआर दर्ज नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे अपराध के आंकड़े बढ़ जाते हैं।

इसी वजह से एफआईआर दर्ज करने से बचा जा रहा है। कई थानों में तो एफआईआर के लिए तय रकम तक ली जा रही है। मारपीट के मामलों में भी केस दर्ज करने के लिए पैसे मांगे जा रहे हैं। जमीन विवाद, लेन-देन और ठगी के मामलों में रकम के हिसाब से कमीशन तय किया जाता है, जिसके बाद ही केस दर्ज होता है। कई मामलों में पीड़ित 6-6 महीने से भटक रहे हैं।

यह स्थिति सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव और कोरबा समेत अधिकांश जिलों में देखी जा रही है।

आंकड़े बता रहे… एक तिहाई ही FIR

राज्य के किसी भी एक बड़े थाने में सालाना हजार से 1200 शिकायतें आती हैं, जिनमें एफआईआर नहीं के बराबर होती हैं। छोटे थानों में 500-600 शिकायतें आती हैं, जिन्हें जांच के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। रायपुर में हर साल 10 हजार से ज्यादा केस दर्ज होते हैं, जबकि गंभीर मामलों की शिकायतों की संख्या इससे 3 गुना अधिक होती हैं।

इन मामलों से समझिए कैसे लोग भटक रहे, आवेदन के बाद भी FIR नहीं हुई

रायपुर 

27 फरवरी 2026, उरला थाना- रूपेश धुरंधर ने शिकायत की है कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मकान दिलाने के नाम पर एक महिला ने 7.50 लाख लिए। अब तक मकान नहीं दिलाया गया और न ही पैसा लौटाया गया। 17 नवंबर 2025, डीडी नगर- इंद्रेश साहू को शेयर मार्केट में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा दिया गया। उनसे अलग-अलग किश्तों में 5 लाख रुपए लिए गए, लेकिन पैसा वापस नहीं किया गया। अक्टूबर 2025, डीडी नगर- सरोना स्थित कार के शोरूम से एक गाड़ी चोरी हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है, फिर भी मामला दर्ज नहीं किया गया है और पीड़ित भटक रहा है।

बिलासपुर

19 मार्च 2026, कोनी थाना- लोफंदी की 32 वर्षीय महिला अपने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंची और लिखित आवेदन दिया, लेकिन केस दर्ज नहीं किया। 27 मार्च 2026, मस्तूरी थाना- कोठार में दीवार निर्माण को लेकर हुए विवाद में परमेश्वर (28) के साथ उसके पड़ोसी ने मारपीट की। पीड़ित रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा, लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। 22 जनवरी 2026, तारबाहर थाना- रोहन रॉबिन्सन (34) पर गायत्री मंदिर के पास उसके ममेरे भाई और एक बॉक्सर ने हमला किया। पुलिस ने इसे पारिवारिक मामला बताकर एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया।

दुर्ग

17 नवंबर 2025, कैंप-2 संतोषी पारा निवासी संजय प्रसाद के घर में भीषण आग लग गई। आगजनी में दस्तावेज, टीवी, पैसा समेत कई सामान जलकर खाक हो गए, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ। 9 जनवरी 2026, परसू साहू ने शिकायत की कि दुर्ग की एक एजेंसी से हार्वेस्टर खरीदने का सौदा हुआ। इकरारनामा के बाद 27.50 लाख रुपए कंपनी के खाते में जमा किए, इसके बाद भी हार्वेस्टर नहीं दिया गया। 19 जनवरी 2026, धमधा इलाके की धान बाई ने शिकायत की कि पड़ोसी उस पर टोनही का आरोप लगाते हैं और मारपीट करते हैं। वाहन में भी तोड़फोड़ की गई, फिर भी अब तक मामला दर्ज नहीं हुआ।

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