भोपाल में गंदे पानी की लाइन-सीवेज एक साथ..खुद देखिए हालात:अयोध्या एक्सटेंशन में सीवेज में पानी की लाइन
भोपाल, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 30 से ज्यादा मौतें…। फिर पानी की जांच और सीवेज से लाइन हटाने का काम। भोपाल में भी तोबड़तोड़ काम शुरू हुआ, लेकिन 25 दिन बीत जाने के बाद भी न तो सही सैंपलिंग हो रही, और न सीवेज में से पानी की लाइन हटाई जा सकती है। नगर निगम व्यवस्था सुधारने का दावा जरूर कर रहा, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
वार्ड-70 में नाली के पानी को ‘शुद्ध’ बताने के बाद दैनिक भास्कर ने सीवेज लाइन को लेकर रियलिटी चेक किया। टीम उन जगहों पर पहुंची, जहां दूषित पानी की सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं।
अयोध्या एक्सटेंशन में लाइन ही सीवेज में डूबी, गंदे पानी की शिकायत वार्ड-86 स्थित अयोध्या एक्सटेंशन। यहां के रहवासी सीवेज लाइन बार-बार चोक होने और दूषित पानी आने की समस्या से परेशान हैं। प्रीति दुबे ने बताया कि पीने के पानी की लाइन नाली से होकर गुजरी है। इस नाली में एक फीट तक गंदगी भरी हुई है। यही पर पाइप में जोड़ भी है। जिससे खराब पानी आ रहा है। नगर निगम की हेल्प लाइन पर बार-बार शिकायत करने के बाद भी नाली की सफाई नहीं की गई है।
वहीं, डेढ़ साल से टंकी की सफाई नहीं हुई है। भूमिगत टंकी स्लम एरिया में है। जहां गंदगी फेंकी जाती है। डेढ़ साल पहले रहवासियों ने अपने सामने टंकी साफ करवाई थी। तब देखा था कि टंकी के बेस का प्लास्टर उखड़ा हुआ है, जिसे अब तक ठीक नहीं कराया गया है। प्रताप सिंह रहंडाले बताते हैं कि कई बार कहने के बाद भी पार्षद, नगर निगम के अफसरों ने सुनवाई नहीं की तो अब रहवासी खुद ही नाली साफ करवा रहे हैं। जिसमें 3500 रुपए का खर्च आ रहा है। उर्मिला पटेल कहती हैं कि लगातार गंदा पानी आने और शिकायतों पर कार्रवाई न होने के कारण हमें साफ पानी के लिए ट्यूवबेल खुदवाना पड़ा।
सीवेज लाइन भी खराब संदीप दुबे ने बताया कि अयोध्या एक्सटेंशन के आधे से ज्यादा क्षेत्र में नई सीवेज लाइन बिछा दी गई है, लेकिन डी-1 से 28 तक मकानों के सामने की लाइन नहीं बदली गई। इसमें महज चार इंच का पाइप डला है। जिससे लाइन बार-बार जाम हो जाती है। इतना ही नहीं, चैंबर का प्लास्टर भी उखड़ चुका है। जिससे पानी लीक हो रहा है और घरों की दीवारें खराब हो रही हैं।
उड़िया बस्ती- चेंबर में गंदा पानी मिल रहा उड़िया बस्ती में पानी की सप्लाई व्यवस्था बेहाल है। यहां पानी के चेंबर में ही गंदा पानी जा रहा है। इस वजह से पानी की लाइन में भी गंदा पानी मिल रहा है। शिकायतें करने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिली है।
चांदबाड़ी- नाली में पानी की लाइन पुराने शहर के चांदवाड़ी के मेन रोड के कई घरों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। दरअसल, यहां से जो पानी की लाइन गुजरी है, वह नाली के अंदर है। ऐसे में दूषित पानी भी पेयजल में मिल रहा है, जो गंभीर हालात खड़े कर सकता है।
अब जानिए, 3 जल सुनवाई में क्या हुआ? भोपाल में पहली जल सुनवाई 13 जनवरी, दूसरी 20 जनवरी और तीसरी 27 जनवरी को हुई। इसके अलावा नियमित रूप से वार्डों में जाकर भी पानी की टेस्टिंग की जा रही है। निगम का दावा है कि अब तक 3053 स्थानों सहित शहर में कुल 7341 जल के नमूने लिए गए। इनकी जांच 8 लैब में कराई गई। ज्यादातर में पानी को शुद्ध ही बताया गया। दूसरी ओर वार्ड ऑफिस में सैंपलिंग के नाम पर छल ही हो रहा है, क्योंकि 11 में से सिर्फ 1 की क्लोरीन जांच ही की जा रही है।
वहीं, 1245 लीकेज सुधारे और 3694 सीवेज चेंबरों की सफाई कराई गई। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पिछली जल सुनवाई के बाद पानी की बेहतर तरीके से जांच करने को कहा है।
बता दें कि भोपाल के खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर के ग्राउंड वॉटर के 4 सैंपल फेल हो चुके हैं। यहां के पानी में ‘ई-कोलाई’ बैक्टीरिया मिला था। बाद में इस पानी के उपयोग पर रोक लगा दी गई थी। यही बैक्टीरिया इंदौर के भागीरथपुरा में मिला था।
भोपाल के इन इलाकों में अब भी गंदा पानी आ रहा अशोका गार्डन, पंजाबी बाग, प्रेम नगर, अयोध्या एक्सटेंशन, प्रेम नगर, जेपी नगर, ऐशबाग, बरखेड़ीकलां समेत 20 से ज्यादा इलाकों में अब भी गंदा पानी आ रहा है। यहां पानी की लाइन सीवेज के अंदर ही है। इन्हें तुरंत बदलने की जरूरत है। गैस पीड़ित संघ की रचना ढिंगरा ने बताया कि नगर निगम को तत्काल व्यवस्था सुधारना चाहिए। यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास का भूजल दूषित है। ऐसे में निगम की सप्लाई पर ही वे निर्भर है।
