MP में RTE से 1.22 लाख सीटों के लिए मिले 2.10 लाख आवेदन, करीब एक लाख बच्चे नहीं ले पाएंगे मनपसंद स्कूल में एडमिशन
भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश को लेकर इस बार भी काफी संख्या में आवेदन मिले हैं। प्रदेश के करीब 26 हजार निजी स्कूलों में उपलब्ध 1.22 लाख सीटों के लिए कुल 2.10 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। मंगलवार को आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया समाप्त हो गई, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि इस बार भी बड़ी संख्या में बच्चे मनपसंद स्कूल में प्रवेश से वंचित रह जाएंगे।
आरटीई के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं, जहां उन्हें निशुल्क शिक्षा दी जाती है। हालांकि, प्रदेश में हर साल सीटों की संख्या घटने और आवेदनों की संख्या बढ़ने से समस्या और गंभीर होती जा रही है। इस वर्ष प्राप्त 2.10 लाख आवेदनों में से अब तक लगभग 1.78 लाख का सत्यापन पूरा हो पाया है, जबकि करीब 32 हजार आवेदनों का सत्यापन नहीं हो सका। ऐसे में लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने वाले आवेदकों की संख्या सीमित रह जाएगी।
दो अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। इस वर्ष भी सीटों की तुलना में लगभग दोगुने आवेदन आने के कारण करीब एक लाख बच्चों को इस बार भी मनचाहा स्कूल नहीं मिल पाएगा। खासतौर पर बड़े शहरों में स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण है।
बड़े शहरों में बढ़ा दबाव
भोपाल में 7359 सीटों के लिए 15527 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इंदौर में लगभग 9000 सीटों पर 12886 आवेदन, ग्वालियर में 4787 सीटों के लिए 6110 आवेदन और जबलपुर में 3502 सीटों पर 6985 आवेदन आए हैं। इससे स्पष्ट है कि शहरी क्षेत्रों में आरटीई के तहत प्रवेश की मांग तेजी से बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर, कई छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के निजी स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं आया है।
सत्र 2026-27
प्रदेश के निजी स्कूलों की संख्या-26 हजार
कुल सीटें-1 लाख 22 हजार
कुल आवेदन-2 लाख 10 हजार
सत्र 2025-26
प्रदेश के निजी स्कूलों की संख्या-21 हजार
कुल सीटें-93 हजार 822
कुल आवेदन-1.62 लाख
सत्र 2024-25
प्रदेश में निजी स्कूलों की संख्या-23 हजार
कुल सीटें- 1.12 लाख
कुल आवेदन- 1.48 लाख
कुल आवंटन-84 हजार 795
कुल प्रवेश-60 हजार.
