Ind vs WI: दूसरे ODI में रोहित-कोहली को क्यों दिया गया आराम?

वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को 6 विकेट से करारी शिकस्त मिली। दूसरे वनडे में भारतीय टीम में दो बड़े बदलाव देखने को मिले, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली को मैच में आराम दिया गया और उनकी जगह संजू सैमसन और अक्षर पटेल को प्लेइंग-11 में जगह मिली। भारत के इस ओवर एक्सपेरिमेंटल फैसले ने टीम को 6 विकेट से हार दिलाई। ईशान किशन के अलावा किसी भी बल्लेबाज का बल्ला नहीं चल सका और विंडीज टीम ने पांच साल बाद वनडे में भारत के खिलाफ कोई मुकाबला जीत लिया। इस हार के बाद टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ को जमकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। पूरा ट्विटर द्रविड़ के नाम से ट्रेंड करने लगा। कुछ फैंस ने राहुल द्रविड़ को ट्रोल करते हुए उन्हें बर्खास्त करने तक की मांग कर दी। इस बीच कोच राहुल द्रविड़ ने दूसरे वनडे में मिली हार के बाद एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों रोहित-कोहली को दूसरे वनडे में मौका नहीं दिया गया?

टीम इंडिया की शर्मनाक हार के बाद राहुल द्रविड़ ने दिया बड़ा बयान

दरअसल, टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने बताया कि रोहित-कोहली को आराम दिए जाने का फैसला एशिया कप की तैयारियों को देखते हुए लिया गया। द्रविड़ ने कहा कि हमारे कई खिलाड़ी इस वक्त चोटिल है तो हम चाहते है ज्यादा-से-ज्यादा युवा प्लेयर्स हमारे लिए बैकअप में रहे। द्रविड़ ने प्रेस कॉन्फेंस के दौरान कहा कि ये हमारा आखिरी चांस था प्लेयर्स को जज करने का, क्योंकि हमारे कई खिलाड़ी इंजर्ड है जो इस वक्त एनसीए (NCA) में है। सभी जानते हैं कि एक महीने बाद एशिया कप और फिर विश्व कप खेला जाना है। ऐसे में हम उम्मीद करते है कि चोटिल खिलाड़ी एशिया कप तक पूरी तरह फिट हो जाए, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो उस सिचुएशन के लिए हम युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके दे रहे है ताकि जरूरत आने पर हमें टेंशन की जरूरत न हो।

सूर्यकुमार यादव को लेकर क्या बोले द्रविड़?

इस दौरान कोच राहुल द्रविड़ ने टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव का बचाव करते हुए कहा कि वह एक अच्छे प्लेयर है और इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन जिस तरह से उन्होंने टी-20 क्रिकेट में अपनी एक छाप छोड़ी उस तरह से वह वनडे में परफॉर्म नहीं कर पा रहे है। सूर्या इस वक्त वनडे क्रिकेट सीख रहे है। वह एक अच्छे खिलाड़ी और हम उन्हें ज्यादा मौके देना चाहते है। बाकी उन पर निर्भर करता है कि वह इन मौकों को भुनाते है या गंवाते है।

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