भारत के कोच रवि शास्त्री ने 1983 में पाकिस्तान दौरे पर बॉल टेंपरिंग की ओर किया इशारा….

भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री ने 1983 में पाकिस्तान दौरे पर बॉल टेंपरिंग (गेंद से छेड़छाड़) की ओर इशारा किया है। ओवल में रविवार को आइसीसी के कार्यक्रम में जब मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पाकिस्तानी गेंदबाज वसीम अकरम और पूर्व आस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग के सामने शास्त्री से पूछा कि आपको अपनी कौन सी पारी सबसे ज्यादा पसंद है, तो उन्होंने कहा कि लाहौर में जब मैंने पाकिस्तान के विरुद्ध अपना पहला शतक लगाया था।

गेंद से छेड़छाड़ का आरोप-

इस दौरान उन्होंने बॉल टेंपरिग की बात भी कही। शास्त्री ने कहा कि पाकिस्तान के विरुद्ध जब मैंने पहले टेस्ट शतक लगाया था तो वहां बहुत कुछ हो रहा था। इमरान खान और सरफराज नवाज के साथ में वहां दो अंपायर भी थे। वहां सब कुछ हो रहा था फिस्स फिस्स (गेंद को रगड़ने का इशारा करते हुए)। गेंद के ऊपर नाखून, ढक्कन, बोतल का ओपनर सब रगड़ा जा रहा था। कराची में खेले गए इस मैच में शास्त्री ने 128 रन की पारी खेली थी।

खलेगी बुमराह की कमी-

डब्ल्यूटीसी फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण को थोड़ा बेहतर बताते हुए शास्त्री ने कहा कि अगर भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह होते तो दोनों टीमों का गेंदबाजी आक्रमण एक समान होता, लेकिन आस्ट्रेलिया के पास पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क हैं।

ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी-

शास्त्री ने कहा कि दोनों ही टीमें इस समय विश्व में सर्वश्रेष्ठ हैं क्योंकि बीते दो सालों में दोनों ने ही शानदार खेल दिखाया है। वहीं, पोंटिंग ने कहा कि डब्ल्यूटीसी फाइनल में आस्ट्रेलिया का पलड़ा थोड़ा भारी है। भारत के मुकाबले ओवल की परिस्थितियां आस्ट्रेलिया के ज्यादा मुफीद हैं। दोनों ही टीमें डब्ल्यूटीसी फाइनल में जगह बनाने की हकदार थीं, क्योंकि उन्होंने शानदार खेल दिखाया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *