भारत ने फिलिस्तीनियों के लिए भेजा 32 टन जरूरी सामान

नई दिल्ली । इजराइल-हमास जंग के बीच भारत ने फिलिस्तीनियों की मानवीय मदद के लिए 32 टन जरूरी सामान सी-17 एयरक्राफ्ट के जरिए मिस्र भेजा है। दूसरी तरफ, यूएन ने बताया है कि अल-शिफा अस्पताल में अब भी 25 स्टाफ, 291 मरीज और 32 नवजात मौजूद हैं। इन बच्चों की हालात बेहद गंभीर है।
वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने घोषणा की है कि गाजा का अल-शिफा अस्पताल डेथ जोन बन चुका है। डब्ल्यूएसओ ने अस्पताल को खाली करने की योजना की भी जानकारी दी। शनिवार को सैकड़ों लोगों ने अल-शिफा अस्पताल खाली कर दिया। दूसरी तरफ, अमेरिकी मीडिया वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि इजराइल, अमेरिका और हमास के बीच बंधकों को आजाद करने के लिए जल्द ही डील होने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर के जरिए हो रहे इस समझौते के तहत बंधकों को छोडऩे के बदले 5 दिन का सीजफायर हो सकता है। वहीं व्हाइट हाउस प्रवक्ता ने कहा कि फिलहाल कोई डील नहीं हुई है।
सिर्फ अपनी जान बचाना चाहता है हमास
पीएम नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल पर जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा- गाजा और उसके बाहर मौजूद हमास के लोग हमारे लिए जिंदा लाश हैं। हमास चीफ इस्माइल हानिये का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने कहा- चाहे हमास लड़ाके के हाथ में राइफल हो या चाहे उसने सूट पहन रखा हो, हमारे लिए सब एक जैसे हैं। रक्षा मंत्री ने कहा- हम जमीनी ऑपरेशन के दूसरे स्टेज में हैं और सेना जल्द ही साउथ गाजा में भी हमास तक पहुंच जाएगी। हमास अपनी सुरंगों, बंकर और ठिकानों को खो रहा है। हम उनके कई सीनियर कमांडरों को मार गिरा चुके हैं। हमास सिर्फ लड़ाई की ही भाषा जानता है। उसका इकलौता मकसद अब अपनी जान बचाना है। हम अपने बंधकों को भी जल्द छुड़ा लेंगे।
इजराइल में 30 हजार लोगों ने नेतन्याहू का ऑफिस घेरा
इजराइल में तेल अवीव से शुरू हुई रैली शनिवार देर रात यरूशलम पहुंची। इसमें लगभग 30 हजार लोग शामिल हुए, जिन्होंने नेतन्याहू के ऑफिस को घेर लिया। इन लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द हमास की कैद से बंधकों को छुड़ाए। इजराइली मीडिया यरूशलम पोस्ट को एक बंधक की मां ने कहा- हम पांच दिन से लगातार चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा- मेरे पैर दर्द कर रहे हैं, कंधे दर्द कर रहे हैं, पर उतना नहीं जितना मेरा दिल दुख रहा है। मुझे और चलना पड़ा तो मैं और चलूंगी। गाजा जाना पड़ा तो वहां भी जाऊंगी। बंधकों के परिवार वालों की मांग है कि सरकार उन्हें बताए की वो लोगों को छुड़ाने के लिए क्या कर रही है। वहीं, इजराइली सेना गाजा में घुसती जा रही है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक आईडीएफ गाजा पट्टी के जबालिया और जैतूम इलाके तक पहुंच चुकी है। सेना साउथ गाजा के लोगों को इलाकों को खाली कर अब पश्चिम में जाने को कह रही है। बंधकों को छुड़ाने की मांग के साथ इजराइल में करीब 30 हजार लोगों ने रैली निकाली।

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