लड्डू गोपाल को बासी तुलसी का पत्ता चढ़ाना शुभ या अशुभ?

हिंदू धर्म में लगभग हर घर में लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है और कई घरों में उनके बाल रुप की सेवा भी विधि-विधान से की जाती है. कान्हा के भक्त लड्डू गोपाल की परिवार के सदस्य की तरह सेवा करते हैं. लेकिन लड्डू गोपाल की पूजा के लिए कई नियम बताए गये हैं. कहा जाता है कि अगर इन नियमों का पालन किया जाए तो पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

हालांकि जो लोग अपने घर में लड्डू गोपाल की सेवा करते हैं उनके मन में कोई ना कोई सवाल जरुर रहता है. उन्हीं में से एक संशय जो कि लोगों के मन में रहता है वो है कि क्या हम लड्डू गोपाल को तुलसी की बासी पत्तियां चढ़ा सकते हैं?

दरअसल, गोपाल जी को तुलसी बहुत प्रिय होती है, उन्हें लगाए गये भोग तुलसी के बिना अधूरे माने जाते हैं. इसलिए लड्डू गोपाल को भोग लगाने के लिए उसमें तुलसी के पत्ते डाले जाते हैं. आमतौर पर तुरंत ही तुलसी का पत्ता तोड़ कर भोग में डाल दिया जाता है. लेकिन कई बार किसी कारणवश हम तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ पाते तो क्या उन्हें पहले से रखी बासी तुलसी भी चढ़ा सकते हैं. तो आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं ?

क्या लड्डू गोपाल को चढ़ाई जा सकती है बासी तुलसी की पत्तियां?
शास्त्रों में पूजा-पाठ के दौरान शुद्धता का अत्यधिक महत्व माना जाता है. वहीं तुलसी को हमेशा से ही पवित्रता और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है. इसलिए हर अनुष्ठान या छोटी-बड़ी पूजा में तुलसी के पत्तों को रखा जाता है. कई बार बासी तुलसी की पत्तियों का पूजा में इस्तेमाल या भगवान को अर्पित करने की मनाही होती है.

लेकिन अगर आपको रविवार या एकादशी के दिन तुलसी का पत्ता चढ़ाना हो तो इन दिनों आप पहले से टूटी हुई तुलसी की पत्तियां लड्डू गोपाल को चढ़ा सकते हैं. हां, आपको इस बात का खास ख्याल रखना होगा कि तुलसी की पत्तियां सूखी हुई या खराब ना हो क्योंकि ऐसी तुलसी की पत्तियां पूजा के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती है.

बासी तुलसी का उपयोग कैसे करें?
आप किसी कारणवश तुलसी की ताजी पत्तियों को तोड़ने में समर्थ नहीं हैं तो इस स्थिति में आप तुलसी की पत्तियों को एक तांबे के लोटे में जल भरकर उनमें जालकर रखें और फिर इन पत्तियों को आप इस्तेमाल कर सकते हैं.

बासी तुलसी की पत्तियां सुखी हुई नहीं होनी चाहिए. तब ही आप इसे भोग में डालकर लड्डू गोपाल को चढ़ा सकते हैं.

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