जोधपुर रेलवे स्टेशन पर ‘देवदूत’ बनी महिला कांस्टेबल, मौत के जबड़े से खींच लाई यात्री को

जोधपुर: जोधपुर रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसे देखकर वहां मौजूद यात्रियों की रूह कांप गई। एक महिला यात्री और मौत के बीच महज कुछ इंच का फासला रह गया था, लेकिन उत्तर-पश्चिम रेलवे की आरपीएफ महिला कांस्टेबल की बिजली जैसी फुर्ती ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजड़ने से बचा लिया। यह पूरी घटना स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

फिसला पैर और थम गई धड़कनें

घटना उस वक्त हुई जब जोधपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 से एक ट्रेन अपनी रफ्तार पकड़ रही थी। इसी दौरान एक महिला यात्री, जो संभवतः ट्रेन छूटने के डर से जल्दबाजी में थी, उसने चलती ट्रेन के कोच में चढ़ने का प्रयास किया। ट्रेन की गति बढ़ने के साथ ही महिला का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर पायदान से फिसल गया। अगले ही पल महिला का शरीर प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेन के बीच बने खतरनाक गैप की ओर खिंचने लगा। प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्री चिल्लाने लगे, लेकिन ट्रेन की रफ्तार के आगे सब बेबस नजर आ रहे थे।

महिला कांस्टेबल नवीन की जांबाजी

तभी वहां तैनात आरपीएफ की महिला कांस्टेबल नवीन ने अदम्य साहस का परिचय दिया। जैसे ही उन्होंने महिला को फिसलते देखा, उन्होंने बिना एक पल गंवाए दौड़ लगाई और महिला यात्री को कमर से पकड़कर पूरी ताकत के साथ प्लेटफॉर्म की ओर खींच लिया। यह सब इतना पलक झपकते हुआ कि अगर कांस्टेबल नवीन एक सेकंड की भी देरी करतीं, तो महिला यात्री ट्रेन के पहियों के नीचे आ सकती थी।कांस्टेबल की इस तत्परता को देखकर प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनकी बहादुरी की सराहना की। हादसे का शिकार हुई महिला कुछ देर के लिए सदमे में आ गई थी, लेकिन वह पूरी तरह सुरक्षित है।

सुरक्षित रवाना हुई महिला

आरपीएफ स्टाफ ने महिला को सांत्वना दी और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दूसरी ट्रेन के जरिए उनके गंतव्य मेड़ता रोड के लिए रवाना किया। उत्तर-पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने कांस्टेबल नवीन की इस सजगता और बहादुरी की सराहना की है। रेलवे ने एक बार फिर यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम न उठाएं, क्योंकि एक पल की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है।

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